बलरामपुर में कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई : सड़क निर्माण में खामी मिलते ही रुकवाया काम,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय रोकने के निर्देश

अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,16अक्टूबर2026

सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच रहा हैं या नहीं,निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के मानकों का पालन हो रहा हैं,या नहीं और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति क्या हैं,इन सवालों का जवाब जानने के लिए कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने शंकरगढ़ विकासखंड क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। करीब 10 घंटे तक चले इस मैराथन दौरे में उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों, सड़क निर्माण, जल जीवन मिशन, शैक्षणिक संस्थानों, कृषि गतिविधियों और प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत संचालित व्यवस्थाओं का जायजा लिया।सुबह 9 बजे जिला संयुक्त कार्यालय से शुरू हुआ निरीक्षण शाम 7 बजे पोड़ी खुर्द के आमापारा स्थित बहुद्देशीय केंद्र में संपन्न हुआ। दौरे के दौरान जहां कलेक्टर ने महिला स्व-सहायता समूहों की खेती और ग्रामीणों के प्रयासों की सराहना की,वहीं बच्चों के पोषण में लापरवाही और सड़क निर्माण में गुणवत्ता संबंधी कमी मिलने पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।🟠आंगनबाड़ी में बच्चों को नाश्ता नहीं मिलने पर जताई नाराजगी

कुंदी खुर्द आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने रेडी-टू-ईट सामग्री और दलिया के भंडारण का रिकॉर्ड से मिलान किया। जांच में भंडारण से संबंधित अनियमितताएं सामने आईं। पूछताछ के दौरान यह भी जानकारी मिली, कि निर्धारित समय पर केंद्र में उपस्थित बच्चों को नाश्ता नहीं दिया गया था।बच्चों के पोषण से जुड़ी इस लापरवाही पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) को आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित निगरानी करने तथा बच्चों को निर्धारित समय पर पोषण आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।कलेक्टर ने स्पष्ट किया, कि आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्देश्य केवल औपचारिक गतिविधियां संचालित करना नहीं, बल्कि बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक विकास की जिम्मेदारी निभाना है। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।🟠अमानक गिट्टी मिलने पर सड़क निर्माण कार्य तत्काल रुकवाया

बेलकोना के धारानगर में हरिनलेटा मार्ग पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रहे,सड़क एवं नाली निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने सड़क की चौड़ाई, ढलान और एलाइनमेंट की बारीकी से जांच की। इस दौरान निर्माण में उपयोग की जा रही गिट्टी का आकार निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कमी सामने आने पर कलेक्टर ने मौके पर ही काम रुकवा दिया। उन्होंने कार्यपालन अभियंता से फोन पर चर्चा कर संबंधित ठेकेदार को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही अभियंता को स्वयं मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का भौतिक परीक्षण करने और गुणवत्ता संबंधी कमियों को दूर कराने को कहा।कलेक्टर ने निर्देशित किया,कि सड़क निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए। निर्माण कार्य समय-सीमा में पूरा हो, लेकिन इसके लिए गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की सतत निगरानी पर भी जोर दिया।🟠पतरापारा की महिलाओं की खेती देखकर खुश हुईं कलेक्टर

दौरे के दौरान पहाड़ी कोरवा बाहुल्य ग्राम पतरापारा में कलेक्टर को ग्रामीण महिलाओं की मेहनत और कृषि गतिविधियों की झलक देखने को मिली। गांव की सोनिया शांडिल्य ने अपनी बाड़ी में उगे ताजे टमाटर कलेक्टर को भेंट किए। कलेक्टर ने प्रतीक स्वरूप एक टमाटर स्वीकार कर उनके परिश्रम का सम्मान किया।ग्रामीणों की बाड़ियों में टमाटर और अन्य सब्जियों की खेती देखकर उन्होंने महिलाओं के कृषि कौशल और मेहनत की सराहना की। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि क्षेत्र में 18 स्व-सहायता समूह टमाटर की खेती से जुड़े हैं,जिनसे 108 सदस्य लाभान्वित हो रहे हैं।जानकारी के अनुसार, सब्जी उत्पादन से जुड़ी इन महिलाओं में अधिकांश लखपति दीदी बन चुकी हैं,जबकि अन्य महिलाएं भी इस लक्ष्य की ओर बढ़ रही हैं। टमाटर के अलावा क्षेत्र में मिर्च, सेम और गोभी की खेती भी की जा रही हैं।कलेक्टर ने महिला समूहों के प्रयासों को ग्रामीण आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए,कृषि गतिविधियों के विस्तार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।🟠पहाड़ी कोरवा परिवारों के बीच बैठकर सुनीं समस्याएं

प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत चिन्हित पतरापारा गांव में कलेक्टर ने पहाड़ी कोरवा परिवारों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर समाधान की पहल करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने एसडीएम और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ग्रामीणों की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने क्षेत्र में कृषि गतिविधियों के विस्तार, पानी और बिजली की बेहतर व्यवस्था तथा आंगनबाड़ी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी के लिए परिवारों का सर्वे कराकर प्रस्ताव शासन को भेजने के लिए भी कहा गया।इस दौरान कलेक्टर ने गांव के बच्चों से बातचीत की और उन्हें नियमित रूप से स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के परिवारों तक शासन की योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।🟠नल-जल योजना की जांच, हर घर तक पानी पहुंचाने के निर्देश

जल जीवन मिशन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए कलेक्टर शंकरगढ़ विकासखंड के मानपुर गांव में निर्मल सोनवानी के घर पहुंचीं। उन्होंने घर में लगे नल का निरीक्षण किया और परिवार से पानी की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने, संबंधित सब इंजीनियर को प्रत्येक घर तक शत-प्रतिशत जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी पानी की आपूर्ति में कमी या तकनीकी समस्या हैं,वहां तत्काल सुधार किया जाए।कलेक्टर ने साफ किया,कि ग्रामीण परिवारों को नियमित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता हैं। योजना के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंचे।🟠स्कूलों, कृषि सेवा केंद्र और जनमन केंद्र का भी निरीक्षण

मैराथन दौरे के दौरान कलेक्टर ने एफपीओ यानी किसान उत्पादक संगठन के तहत संचालित कृषि सेवा केंद्र, राजपुर का भी जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, राजपुर; शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय; पहाड़ी कोरवा कन्या शिक्षा आवासीय परिसर तथा कुंदी खुर्द और हरिजन पारा के आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया।दौरे का समापन जिले के अंतिम छोर पर प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत स्थापित आमाकोना बहुद्देशीय केंद्र में हुआ। यहां कलेक्टर ने संचालित आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस दौरान एसडीएम विवेक अनमोल टोप्पो, जनपद पंचायत के सीईओ संजय दुबे सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।🟠योजनाओं का लाभ पहुंचाने और लापरवाही पर जवाबदेही तय करने पर जोर

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी का यह दौरा ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। निरीक्षण के दौरान एक ओर महिला स्व-सहायता समूहों की आजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहन मिला, तो दूसरी ओर पोषण और निर्माण गुणवत्ता से जुड़ी कमियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।प्रशासन का जोर यह सुनिश्चित करने पर हैं,कि सड़क, पेयजल, पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ ग्रामीणों और जरूरतमंद परिवारों को वास्तविक रूप से मिले।

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