संदिली सिंह,बिलासपुर,छत्तीसगढ़,3अगस्त2026
प्रदेश में वर्षा ऋतु के दौरान मलेरिया और अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने, संवेदनशील वनांचल क्षेत्रों में विशेष अभियान तेज कर दिया हैं। इसी कड़ी में राज्य स्तरीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने बिलासपुर जिले के कोटा और मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के दूरस्थ वन क्षेत्रों का मैदानी निरीक्षण कर मलेरिया नियंत्रण गतिविधियों का जायजा लिया। अधिकारियों ने प्रत्येक संवेदनशील क्षेत्र में समय पर जांच, उपचार और निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
🟠जंगलों में रहने वाले परिवारों तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अचानकमार,कोटा और आसपास की वन बस्तियों का दौरा कर मलेरिया नियंत्रण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा,कि जंगलों में रहने वाले और आजीविका के लिए वन क्षेत्रों पर निर्भर परिवारों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं,ताकि कोई भी व्यक्ति मलेरिया जांच और उपचार से वंचित न रहे।
🟠हर परिवार पर नजर, जांच और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था
स्वास्थ्य अधिकारियों ने जिला स्वास्थ्य अमले को सभी वन बस्तियों में शत-प्रतिशत सक्रिय मलेरिया सर्विलांस चलाने, प्रत्येक परिवार की लाइन लिस्टिंग तैयार करने, रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) किट, मलेरिया रोधी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक संदिग्ध मरीज की तत्काल जांच और उपचार करने के निर्देश दिए। साथ ही संभावित संक्रमण वाले क्षेत्रों की नियमित निगरानी और फील्ड मॉनिटरिंग को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
🟠24 घंटे अलर्ट रहेंगी रैपिड रिस्पांस टीमें
निरीक्षण के दौरान संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. गायत्री बांधी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मुंगेली डॉ. शीला शाह, उप संचालक वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम डॉ. वी.आर. भगत सहित जिला मलेरिया अधिकारियों ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अधिकारियों ने निर्देश दिए,कि जिला एवं विकासखंड स्तर पर गठित रैपिड रिस्पांस टीम (RRT) को 24×7 अलर्ट मोड में रखा जाए। यदि किसी क्षेत्र से मलेरिया क्लस्टर या संभावित प्रकोप की सूचना मिले तो 24 घंटे के भीतर मौके पर पहुंचकर नियंत्रण एवं रोकथाम की कार्रवाई शुरू की जाए।
🟠बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर विशेष फोकस
स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए हैं,कि बुखार से पीड़ित बच्चों और गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी की जाए, ताकि संक्रमण की समय रहते पहचान कर उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। विभाग का लक्ष्य वर्षा ऋतु में मलेरिया के प्रसार को प्रभावी ढंग से नियंत्रित रखते हुए दूरस्थ वन क्षेत्रों तक भी समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना हैं।











