अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,4अगस्त2026
सरकारी रिकॉर्ड में विकास कार्य पूरे हो चुके हैं,कागज़ों में गोठान चमक रहे हैं,हैंडपंपों की मरम्मत हो चुकी हैं, कुएं, चबूतरे और रंगाई-पुताई का भुगतान भी हो गया। लेकिन जब ग्रामीणों ने मौके पर जाकर हकीकत देखी तो तस्वीर बिल्कुल उलट निकली। कई कार्य या तो धरातल पर दिखाई ही नहीं दिए या फिर अधूरे मिले। अब इसी कथित गड़बड़ी को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया हैं।
🟠आमगांव पंचायत में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
मामला बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के जनपद पंचायत शंकरगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत आमगांव का हैं। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और विस्तृत शिकायत पत्र सौंपकर पंचायत में हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की।ग्रामीणों का आरोप हैं,कि सरपंच सरस्वती तिर्की और पंचायत सचिव झिमनी कुजूर ने आपसी मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज और बिल तैयार कर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया। उनका कहना हैं,कि जिन विकास कार्यों का भुगतान सरकारी रिकॉर्ड में दिखाया गया हैं,उनमें से कई कार्य धरातल पर मौजूद ही नहीं हैं।
🟠फर्जी बिलों के सहारे सरकारी राशि निकालने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप हैं,कि गोठान निर्माण, रंगाई-पुताई, हैंडपंप मरम्मत, कुएं, चबूतरे और अन्य विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान कर लिया गया, जबकि वास्तविक स्थिति सरकारी दावों से मेल नहीं खाती। ग्रामीणों ने पूरे मामले की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने की मांग की हैं।
🟠सरपंच-सचिव पर एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग
ग्रामीण आशीष कुमार शुक्ला, अमृत राम, सोमरसाय सहित अन्य लोगों ने कलेक्टर से मांग की है कि सभी दस्तावेजों, मस्टर रोल और भुगतान की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं,तो सरपंच और सचिव के खिलाफ गबन, कूटरचना, धोखाधड़ी और शासकीय राशि के दुरुपयोग के मामलों में आपराधिक प्रकरण दर्ज कर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।
🟠प्रशासन बोला जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले पर डिप्टी कलेक्टर चेतन कुमार ने कहा,कि शिकायत प्राप्त हुई हैं। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।











