न्यूज डेस्क,अंबिकापुर,छत्तीसगढ़,13अगस्त2026
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश की जेलों में पात्र कैदियों की समयपूर्व रिहाई की प्रक्रिया के तहत, अंबिकापुर केंद्रीय जेल से 8 कैदियों को रिहा किया गया। ये सभी कैदी आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे और पिछले करीब 14 से 15 वर्षों से जेल में बंद थे। लंबे समय बाद जेल से बाहर आने का पल कैदियों और उनके परिजनों के लिए बेहद भावुक रहा।
🟠जेल नियमावली के तहत मिली समयपूर्व रिहाई
जेल अधीक्षक के अनुसार,जेल नियमावली की धारा 358 के तहत पात्र कैदियों को समयपूर्व रिहाई दी गई हैं। जेल में उनके अच्छे आचरण और व्यवहार को देखते हुए,समीक्षा बोर्ड की अनुशंसा के आधार पर यह निर्णय लिया गया।
🟠अच्छे आचरण के आधार पर हुआ चयन
जेल अधीक्षक ने बताया,कि समयपूर्व रिहाई के लिए संबंधित जिले के कलेक्टर और जेल अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर समीक्षा बोर्ड द्वारा कैदियों के मामलों की समीक्षा की जाती हैं। निर्धारित मापदंडों और आचरण के आधार पर पात्र कैदियों को रिहाई का लाभ दिया जाता हैं।उन्होंने कहा,कि जेल में रह रहे अन्य कैदियों को भी नियमों का पालन करते हुए अच्छा आचरण बनाए रखना चाहिए, ताकि पात्रता पूरी होने पर उन्हें भी समयपूर्व रिहाई का अवसर मिल सके।
🟠जेल में किए काम की पारिश्रमिक राशि भी लौटाई
रिहा किए गए कैदियों को जेल में रहते हुए,उनके द्वारा किए गए कार्यों से अर्जित पारिश्रमिक की राशि भी वापस की गई। जिन कैदियों के बैंक खाते थे, उनके खातों में राशि ट्रांसफर की गई, जबकि अन्य कैदियों को चेक के माध्यम से भुगतान किया गया।
🟠वर्षों बाद परिवार से मिले तो भावुक हुए कैदी
करीब डेढ़ दशक बाद जेल से बाहर आए कैदियों के परिजन भी इस मौके पर मौजूद रहे। अपने परिवार के सदस्यों को लंबे समय बाद सामने देखकर खुशी के साथ भावुकता का माहौल नजर आया। रिहाई के दौरान कई कैदियों की आंखें नम हो गईं।जेल प्रशासन ने उम्मीद जताई कि रिहा किए गए कैदी आगे बेहतर जीवन की ओर बढ़ेंगे और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सकारात्मक भूमिका निभाएंगे।












