संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,18अगस्त2026
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन,नवा रायपुर में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने तथा आम नागरिकों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
🟠दवाइयों की उपलब्धता की जिलेवार समीक्षा
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता की जिलेवार जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए,कि जरूरी दवाइयों की कमी किसी भी अस्पताल में नहीं होनी चाहिए और दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक भी स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर पहुंचें। उन्होंने कहा,कि मरीजों को इलाज या दवा के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
🟠अस्पतालों की सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर
बैठक में अस्पतालों की साफ-सफाई व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अस्पताल परिसर,वार्ड और मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा,कि मरीजों को बेहतर इलाज के साथ स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलना भी जरूरी हैं।
🟠चिकित्सा उपकरण और स्टाफ की हो नियमित निगरानी
स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव और उनकी उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को उपकरणों को चालू स्थिति में रखने तथा खराब उपकरणों के समय पर सुधार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही अस्पतालों में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की उपस्थिति की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
🟠मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार जरूरी
मंत्री ने स्वास्थ्यकर्मियों से मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा,कि स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य केवल उपचार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि मरीजों को भरोसे और बेहतर व्यवहार के साथ सेवा देना भी हैं।
🟠लापरवाही पर होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए,कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पतालों की व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और सामने आने वाली कमियों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।उन्होंने अधिकारियों से कहा,कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के हर नागरिक तक बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना हैं। इसके लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और लगातार निगरानी जरूरी हैं।












