अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,22सितंबर2026
नाबालिग बच्चों के हाथों में वाहन देना अब अभिभावकों के लिए भारी पड़ सकता हैं। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और नाबालिगों को वाहन चलाने से रोकने के लिए बलरामपुर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी हैं। जागरूकता अभियान के बावजूद नाबालिगों के वाहन चलाते पाए जाने पर अब संबंधित माता-पिता या वाहन स्वामी के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 199(क) के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही हैं।नाबालिग द्वारा वाहन चलाते पाए जाने पर पुलिस वाहन जब्त कर रही हैं,और संबंधित अभिभावक या वाहन स्वामी के खिलाफ प्रकरण तैयार कर उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा हैं। पुलिस के अनुसार जिले में अब तक 83 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए,1 लाख 23 हजार 500 रुपये का समन शुल्क वसूला जा चुका हैं।
🟠पहले समझाइश,अब सीधे कानूनी कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देश पर शुरू किए गए अभियान के तहत,कार्रवाई से पहले जिले में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। 30 जुलाई 2026 से जिले के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को नाबालिगों को वाहन नहीं चलाने देने की समझाइश दी।पुलिस ने अभिभावकों को बताया कि कम उम्र में वाहन चलाना न केवल बच्चे की सुरक्षा के लिए खतरा हैं,बल्कि दुर्घटना की स्थिति में वाहन उपलब्ध कराने वाले अभिभावक या वाहन स्वामी भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
🟠83 मामलों में कार्रवाई, ₹1.23 लाख वसूली
जागरूकता अभियान के बाद भी नाबालिग वाहन चलाते पाए गए, जिसके बाद जिले के सभी थाना, चौकी और यातायात पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई। अब तक 83 मामलों में कार्रवाई कर ₹1,23,500 का समन शुल्क वसूल किया गया हैं।पुलिस ने संबंधित अभिभावकों के साथ-साथ विद्यालय प्रबंधन को भी भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त हिदायत दी हैं।
🟠6 मामलों में कोर्ट की कार्रवाई
अब पुलिस ने अभियान को और सख्त करते हुए, मोटरयान अधिनियम की धारा 199(क) के तहत प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत करना शुरू कर दिया हैं। वर्तमान में रामानुजगंज थाना के 2,यातायात बलरामपुर के 2 और वाड्रफनगर चौकी के 2,कुल 6 प्रकरणों में कार्रवाई कर मामले न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जा रहे हैं।नाबालिग वाहन चलाते पकड़े जाने पर केवल बच्चे पर कार्रवाई तक मामला सीमित नहीं रहेगा,बल्कि वाहन उपलब्ध कराने वाले माता-पिता अथवा वाहन स्वामी की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
🟠₹25 हजार तक जुर्माना और 3 साल तक की सजा
पुलिस के अनुसार, मोटरयान अधिनियम की धारा 199(क) के तहत नाबालिग द्वारा वाहन चलाने की स्थिति में संबंधित अभिभावक या वाहन स्वामी के खिलाफ ₹25,000 तक का जुर्माना और 3 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान हैं।बलरामपुर पुलिस का कहना हैं,कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं,बल्कि अभिभावकों को जिम्मेदारी का एहसास कराना और नाबालिगों को सड़क हादसों के जोखिम से बचाना भी हैं।
🟠अभिभावकों से पुलिस की अपील
बलरामपुर पुलिस ने जिले के अभिभावकों से अपील की हैं,कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में मोटर वाहन चलाने की अनुमति न दें और न ही उन्हें वाहन उपलब्ध कराएं। पुलिस ने कहा कि सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी हैं,और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता और कार्रवाई का अभियान लगातार जारी रहेगा।पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक बलरामपुर-रामानुजगंज वैभव बैंकर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी के निर्देशन में यह अभियान संचालित किया जा रहा हैं।












