अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,25सितंबर2026
जिले के चलगली थाना क्षेत्र में करीब 10 एकड़ वन भूमि पर,कब्जा करने की कोशिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया हैं। वन भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार कर पट्टा बनाने और उसे वितरित करने के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं।पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ थाना चलगली में अपराध क्रमांक 57/2026 के, तहत बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 338 और 3(5) में मामला दर्ज किया गया हैं।
🟠फर्जी वन अधिकार पत्र तैयार करने का आरोप
मामले की शुरुआत तब हुई जब वन परिक्षेत्र बलरामपुर के,सर्किल मानिकपुर में वन परिक्षेत्र सहायक द्वारा सूचना दर्ज कराई गई। ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर बीट मुड़का के कक्ष क्रमांक पी.3493 में शिवलाल द्वारा, झोपड़ी बनाकर वन भूमि पर कब्जे का प्रयास किए जाने की जानकारी सामने आई।जांच के दौरान संबंधित वन अधिकार पत्रों की पड़ताल की गई। पुलिस के मुताबिक दस्तावेजों में वन अधिकार पत्र जारी किए जाने से संबंधित अनियमितताएं सामने आईं। जांच में यह भी पाया गया, कि सरकारी जंगल की भूमि के संबंध में फर्जी दस्तावेज तैयार कर करीब 4 हेक्टेयर (लगभग 10 एकड़) भूमि का पट्टा तैयार कर वितरण किए जाने का प्रयास किया गया।
🟠जांच में तीन वन अधिकार पत्र भी जब्त
मौका जांच के दौरान शिवलाल के पास से तीन वन अधिकार पत्र जब्त किए गए। इन दस्तावेजों की जांच सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग, बलरामपुर के माध्यम से कराई गई। जांच में संबंधित वन अधिकार पत्रों की डायरी में नाम दर्ज नहीं होना और कार्यालय द्वारा उनके जारी नहीं किए जाने की जानकारी सामने आई।पुलिस के अनुसार मामले में शिवलाल, रामकुमार और रामशकल के अलावा शंकरनाथ पाण्डेय तथा कुंजन रजक की भूमिका सामने आई।
🟠पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हैं—
🔸️शिवलाल, पिता स्व. कांशी, निवासी ग्राम केतरा (बैनपुर), थाना चलगली।
🔸️रामकुमार, पिता शिवलाल, निवासी ग्राम केतरा (बैनपुर), थाना चलगली।
🔸️रामशकल, पिता स्व. रामवृक्ष, निवासी ग्राम कोटरकी, थाना चलगली।
🔸️शंकरनाथ पाण्डेय, पिता बैजनाथ पाण्डेय, निवासी ग्राम बरतीकला, चौकी वाड्रफनगर।
🔸️कुंजन रजक, पिता रतन प्रसाद रजक, निवासी ग्राम बरतीकला, चौकी वाड्रफनगर।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों द्वारा अपराध में, संलिप्तता स्वीकार किए जाने की बात सामने आई हैं। फर्जी पट्टा तैयार कर देने के एवज में राशि के लेन-देन की, जानकारी भी जांच में सामने आई।साक्ष्य मिलने के बाद पांचों आरोपियों को 25 सितंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।












