अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,6अक्टूबर2026
जिला प्रशासन में वित्तीय और कोषालय संबंधी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी के तहत कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने सोमवार को जिला कोषालय के स्ट्रांग रूम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखी विभिन्न प्रकार की मुद्रांक सामग्री और अन्य बहुमूल्य सामग्रियों की स्थिति का जायजा लिया।
🟠नियमों के तहत हुआ स्ट्रांग रूम का निरीक्षण
कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ कोषालय संहिता के सहायक नियम-39 के प्रावधानों के तहत स्ट्रांग रूम में,रखी सामग्रियों का भौतिक सत्यापन कराया। इस दौरान अदालती एवं गैर-अदालती मुद्रांक, कोर्ट फीस कॉपिंग टिकट, नोटरियल टिकट, रेवेन्यू टिकट और स्पेशल एडहेसिव स्टाम्प सहित अन्य बहुमूल्य सामग्रियों के पैकेटों की जांच की गई।निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखी सामग्रियों की वास्तविक उपलब्धता का मिलान कोषालय में संधारित अभिलेखों और पंजियों में दर्ज विवरण से करना था। कलेक्टर ने सामग्री के पैकेटों का भौतिक रूप से सत्यापन कर संबंधित रिकॉर्ड से उनका मिलान कराया।
🟠रिकॉर्ड और भौतिक सामग्री का कराया गया मिलान
कोषालय में रखी मुद्रांक सामग्री और बहुमूल्य वस्तुओं का रिकॉर्ड वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होता हैं। ऐसे में समय-समय पर भौतिक सत्यापन के माध्यम से रिकॉर्ड में दर्ज सामग्री और स्ट्रांग रूम में, उपलब्ध वास्तविक सामग्री के बीच स्थिति का मिलान किया जाता हैं।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से कोषालय की व्यवस्थाओं और रिकॉर्ड संधारण से जुड़ी जानकारी भी ली। उन्होंने दस्तावेजों और पंजियों के व्यवस्थित रख-रखाव पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
🟠जिला कोषालय अधिकारी से की विभागीय कार्यप्रणाली पर चर्चा
स्ट्रांग रूम के निरीक्षण के बाद कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने जिला कोषालय अधिकारी दशरथ प्रसाद सोनी से विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा की। उन्होंने कोषालय से जुड़े कार्यों, अभिलेखों के संधारण तथा महत्वपूर्ण सामग्रियों की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली।कलेक्टर ने विभागीय कार्यों को निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान कोषालय के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
🟠प्रशासनिक निगरानी का हिस्सा हैं,नियमित निरीक्षण
जिला कोषालय में इस तरह का निरीक्षण वित्तीय रिकॉर्ड, मुद्रांक सामग्री और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं की सुरक्षा एवं अभिलेखीय व्यवस्था की निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता हैं। भौतिक सत्यापन से रिकॉर्ड की स्थिति स्पष्ट होती हैं,और कोषालय की व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित बनाए रखने में मदद मिलती हैं।












