अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,6अक्टूबर2026
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सोमवार को कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी की अध्यक्षता में समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रहे सेवा संकल्प अभियान, सेवा सेतु शिविरों, लंबित शिकायतों, निर्माण एवं विकास कार्यों, मुख्यमंत्री की घोषणाओं, न्यायालयीन प्रकरणों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों सहित विभिन्न विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए,कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र नागरिकों तक पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा,कि प्रशासन का उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि पात्र हितग्राही को योजनाओं से वास्तविक रूप से लाभान्वित करना हैं।
🟠07 अक्टूबर तक सेवा सेतु शिविर, अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य
सेवा संकल्प अभियान के तहत 07 अक्टूबर तक जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में सेवा सेतु शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को इन शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि शिविर में आने वाले प्रत्येक पात्र नागरिक को केंद्र और राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से शत-प्रतिशत संतृप्त करने का लक्ष्य रखा गया हैं। इसके लिए विभागीय अधिकारी मौके पर ग्रामीणों की समस्याएं सुनें और पात्रता के अनुसार योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को प्रभावी तरीके से पूरा करें।
🟠06 अक्टूबर को इन स्थानों पर लगेंगे शिविर
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्धारित शिविरों में समय पर पहुंचने के निर्देश दिए। 06 अक्टूबर को जिले के इन स्थानों पर सेवा सेतु शिविर आयोजित होंगे—
🔸️शंकरगढ़: सावंत सरना, डीपाडीह
🔸️राजपुर: बरियो
🔸️वाड्रफनगर: प्रेमनगर
🔸️कुसमी: सबाग
🔸️बलरामपुर: रनहत एवं तरकाखाड़
🔸️रामचन्द्रपुर: त्रिकुण्डा
इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ उनकी समस्याओं और आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
🟠सीएम हेल्पलाइन और जनदर्शन की शिकायतों पर सख्ती
बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन, कलेक्टर जनदर्शन सहित विभिन्न विभागों में लंबित शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत का निराकरण दर्ज करने से पहले संबंधित विभाग स्वयं प्रकरण की पूरी जांच करे।उन्होंने कहा,कि केवल औपचारिक रूप से शिकायत को निराकृत दिखाने के बजाय यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित हितग्राही को वास्तव में उचित राहत मिली हैं,या नहीं। शिकायतों के निराकरण में गुणवत्ता और जवाबदेही बनाए रखने पर उन्होंने विशेष जोर दिया।
🟠निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता नहीं
कलेक्टर ने जल जीवन मिशन सहित विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासकीय निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों को निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा कार्यों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ लोगों तक समय पर पहुंच सके।
🟠मुख्यमंत्री घोषणा के कार्यों पर भी नजर
बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणाओं से संबंधित अपूर्ण कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को ऐसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो कार्य शुरू हो चुके हैं, उनकी प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए और किसी भी तरह की बाधा सामने आने पर उसका समय पर समाधान किया जाए।
🟠न्यायालयीन मामलों और पेंशन प्रकरणों में देरी पर हिदायत
कलेक्टर ने न्यायालयीन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए, संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई समय पर करने और मामलों के निराकरण के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।वहीं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों को लेकर उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों और आहरण-संवितरण अधिकारियों को विशेष हिदायत दी। उन्होंने कहा कि पेंशन से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपनी पेंशन संबंधी सुविधाओं के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
🟠मैदानी स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा,कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। अधिकारियों को तत्परता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करने की जरूरत हैं।उन्होंने विभागीय अधिकारियों से मैदानी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की लगातार मॉनिटरिंग करने और लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया,कि प्रशासनिक योजनाओं की सफलता तभी मानी जाएगी, जब पात्र हितग्राही को बिना अनावश्यक परेशानी के उसका लाभ मिले।
🟠अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सीईओ जिला पंचायत आशुतोष चतुर्वेदी, जिले के सभी एसडीएम तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।












