अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,14अक्टूबर2026
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कुसमी तहसील कार्यालय में लगाए गए एक सूचना-पट्ट को लेकर विवाद गहरा गया हैं। शारदीय नवरात्रि के दौरान तहसील परिसर के मुख्य द्वार पर लगाए गए सूचना-पट्ट पर लिखे संदेश को, लेकर सकल हिंदू समाज और विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों ने नाराजगी जताई हैं। मामले में समाज के प्रतिनिधियों ने एसडीएम बालेश्वर राम को बलरामपुर कलेक्टर के नाम, ज्ञापन सौंपकर नायब तहसीलदार अनुग्रह केरकेट्टा को 48 घंटे के भीतर कुसमी तहसील से अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की हैं।समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी हैं,कि यदि निर्धारित समय में उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई, तो नगर बंद, चक्काजाम और तहसील कार्यालय के घेराव जैसे विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
🟠सूचना-पट्ट पर लिखे संदेश से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार,नवरात्रि के दौरान कुसमी तहसील कार्यालय के मुख्य द्वार पर एक सूचना-पट्ट लगाया गया था। उस पर लिखा था— “तहसील परिसर में भिक्षा एवं चंदा मांगने वालों का प्रवेश वर्जित हैं।”इस संदेश को लेकर सकल हिंदू समाज और दुर्गा पूजा समितियों के सदस्यों ने आपत्ति जताई। समाज के प्रतिनिधियों का आरोप हैं,कि शारदीय नवरात्रि जैसे धार्मिक पर्व के दौरान इस तरह का सूचना-पट्ट लगाया जाना उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला हैं। इस मामले को लेकर क्षेत्र में असंतोष की स्थिति बनी हुई हैं।
🟠एसडीएम को सौंपा ज्ञापन,स्थानांतरण की मांग
विवाद के बाद सकल हिंदू समाज और विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों के प्रतिनिधियों ने एसडीएम बालेश्वर राम से, मुलाकात कर बलरामपुर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नायब तहसीलदार अनुग्रह केरकेट्टा के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और उन्हें कुसमी से अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की गई हैं।ज्ञापन में कहा गया हैं,कि सूचना-पट्ट के संदेश से समाज में नाराजगी और असंतोष हैं। प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई करने की मांग की।
🟠48 घंटे का अल्टीमेटम,आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधियों ने प्रशासन को 48 घंटे का समय दिया हैं। उनकी मांग हैं,कि इस अवधि के भीतर नायब तहसीलदार का कुसमी से अन्यत्र स्थानांतरण किया जाए।समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई,तो सकल हिंदू समाज के नेतृत्व में नगर बंद, चक्काजाम और तहसील कार्यालय का घेराव किया जाएगा। फिलहाल यह विरोध की चेतावनी हैं। आंदोलन को लेकर आगे की स्थिति प्रशासन की कार्रवाई और संबंधित पक्षों के रुख पर निर्भर करेगी।
🟠सूचना-पट्ट को पेंट से मिटवाया गया
बताया गया है कि नवरात्रि के दौरान तहसील कार्यालय के मुख्य द्वार पर सूचना-पट्ट लिखवाया गया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद सूचना-पट्ट पर लिखे संदेश को, कर्मचारियों के माध्यम से पेंट कर मिटवा दिया गया।हालांकि, तब तक सूचना-पट्ट पर लिखा संदेश नगर में चर्चा का विषय बन चुका था और सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और सकल हिंदू समाज तथा दुर्गा पूजा समितियों ने प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
🟠जांच के बाद होगी कार्रवाई
नायब तहसीलदार अनुग्रह केरकेट्टा ने किन परिस्थितियों में और किसके आदेश पर सूचना-पट्ट लगवाया था, यह स्पष्ट नहीं हैं। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं,और जिला प्रशासन समाज की मांग पर क्या निर्णय लेता हैं। फिलहाल सूचना-पट्ट हटाया जा चुका हैं, लेकिन स्थानांतरण और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग को लेकर विवाद जारी हैं।
🟠ज्ञापन सौंपने के दौरान लोग रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान नगर पंचायत उपाध्यक्ष आनंद जायसवाल, दुर्गा पूजा समिति अध्यक्ष जन्मजय सिंह, मां समलेश्वरी दुर्गा पूजा समिति अध्यक्ष जशवंत गुप्ता, मां भवानी समिति के विनय यादव, गोपाल गुप्ता, संजय गुप्ता, राजेश्वर गुप्ता, प्रदीप कश्यप, सुनील गुप्ता, बालेश्वर नायक, पार्षद पारसनाथ पाल और अमित सिंह (भोलू) सहित समाज के अन्य प्रमुख लोग उपस्थित रहे।












