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नक्सल प्रभावितों के पुनर्वास की दिशा में ऐतिहासिक पहल, 3,000 परिवारों को मिलेगा पक्का घर

संदिली सिंह,रायपुर,8अगस्त2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में,सरकार की पुनर्वास नीति अब ज़मीनी हकीकत बन रही हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों और हिंसा से पीड़ित परिवारों को, स्थायी आवास मुहैया कराने के लिए,राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई विशेष परियोजना के तहत,तीन हजार प्रधानमंत्री आवास निर्माणाधीन हैं। इनमें से कई आवास दुर्गम क्षेत्रों में मात्र तीन महीनों में बनकर तैयार भी हो चुके हैं।

🟠संकल्प और सहयोग से बना आशियाना:

सुकमा की सोडी हुंगी और कांकेर की दशरी बाई का पक्का घर इसी परियोजना का उदाहरण हैं। दुर्गम भू-भाग और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद,मात्र तीन महीनों में इनका आवास निर्माण पूरा हुआ। मार्च 2025 में आवास स्वीकृत हुआ और मई में निर्माण शुरू होने के बाद जुलाई में इनके घर तैयार हो गए।

सोडी हुंगी, जिनके पति की हत्या 2005 में नक्सलियों ने कर दी थी,अब अपने पक्के घर में परिवार के साथ सुरक्षित महसूस करती हैं।वहीं कांकेर जिले की दशरी बाई, जिनके पति विधानसभा चुनाव के दौरान माओवादी हमले में मारे गए थे, उन्होने ने कहा,कि शासन और पंचायत के सहयोग से यह संभव हो सका।

🟠कठिनाइयों के बावजूद तीन माह में पूरा हुआ निर्माण:इन इलाकों में निर्माण सामग्री पहुँचाना बेहद चुनौतीपूर्ण था। बारिश और खराब रास्तों के कारण मज़दूर समय पर नहीं पहुंच पा रहे थे,फिर भी स्थानीय प्रशासन और पंचायतों की मदद से यह कार्य समय से पूरा किया गया।

दशरी बाई ने बताया कि “चारपहिया वाहन तो छोड़िए, बारिश में दोपहिया से भी पहुँचना मुश्किल होता था। फिर भी जिला प्रशासन, ग्राम पंचायत और आवास योजना की टीम ने हर कदम पर सहयोग किया।”

🟠विशेष परियोजना में 15 हजार आवासों की मंजूरी:

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जानकारी दी,कि छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र से आग्रह कर, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत एक विशेष परियोजना के तहत 15,000 आवासों की स्वीकृति प्राप्त की हैं। इसमें से 3,000 आवासों का निर्माण प्रारंभ हो चुका हैं।अभी तक पात्र पाए गए 5,000 परिवारों में से 2,111 को पहली किस्त और 128 को दूसरी किस्त दी जा चुकी हैं।

🟠जिलावार आवास वितरण विवरण:

अब तक आवास स्वीकृत करने की सूची इस प्रकार है:

🔸️सुकमा: 984

🔸️बीजापुर: 761

🔸️नारायणपुर: 376

🔸️दंतेवाड़ा: 251

🔸️बस्तर: 214

🔸️कोंडागांव: 166

🔸️कांकेर: 146

🔸️गरियाबंद: 27

🔸️बलरामपुर-रामानुजगंज: 25

🔸️मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी: 23

🟠आवास से बढ़ता विश्वास:

मुख्यमंत्री साय ने कहा,कि “यह सिर्फ ईंट और सीमेंट का निर्माण नहीं, बल्कि नए विश्वास, सुरक्षा और स्थायित्व की नींव हैं।” उन्होंने कहा,कि सरकार सभी पात्र परिवारों को पक्का घर देने के लिए कटिबद्ध हैं।

वहीं उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा,कि “यह परियोजना सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल हैं। सोडी हुंगी और दशरी बाई जैसे उदाहरण बताते हैं,कि अगर सरकार संवेदनशील हो और प्रशासन सक्रिय, तो सबसे दूरस्थ क्षेत्रों में भी विकास संभव हैं।”

 

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