संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़/8अक्टूबर2025/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा,कि छत्तीसगढ़ की पुण्यभूमि केवल माता कौशल्या की जन्मस्थली ही नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल के रूप में हमारी संस्कृति, आस्था और गर्व का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा,कि भगवान श्रीराम ने अपने चौदह वर्षों के वनवास काल का अधिकांश समय इसी पावन धरती पर व्यतीत किया, जिससे यह भूमि भक्ति, मर्यादा और त्याग की ज्योति से आलोकित हुई।
मुख्यमंत्री साय आज बालोद जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम बड़े जुंगेरा स्थित माँ कौशल्या धाम, जामड़ी पाटेश्वर आश्रम पहुँचे, जहाँ उन्होंने संत रामकृष्णदास महात्यागी एवं संत रामजानकीदास महात्यागी के समाधि स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा —
“संत परंपरा ही हमारे समाज की आत्मा हैं। बाबाजी जैसे तेजस्वी साधक और त्याग, सेवा व अध्यात्म के प्रतीक हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन लोककल्याण और मानवता की सेवा को समर्पित किया।”
उन्होंने आगे कहा,कि भगवान श्रीराम के ननिहाल में आकार ले रहा यह दिव्य धाम न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की संस्कृति और गौरव को नई पहचान देगा।मुख्यमंत्री ने संत बालकदास महात्यागी जी से भेंट कर निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी भी ली और प्रदेश सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद भोजराज नाग, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-समाज और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति, संस्कृति और एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।












