17 साल से लापता बालक जम्मू-कश्मीर में मिला बंधुआ मजदूर

संदिली सिंह,राउरकेला,15जनवरी2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News

सोना पर्वत से 17 वर्ष पूर्व लापता हुआ,बालक शिवा गौड़ जम्मू-कश्मीर में बंधुआ मजदूर के रूप में मिलने की जानकारी सामने आई हैं। 25 दिसंबर 2025 को शिवा ने स्वयं गांव में फोन कर अपनी स्थिति की जानकारी दी और परिजनों से रिहाई में मदद की गुहार लगाई। इस सूचना के बाद परिवार में उम्मीद की किरण जगी हैं।

शिवा की सुरक्षित वापसी को लेकर विधायक दुर्गा तांती ने डीआईजी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप किया हैं। गुरुवार 15 जनवरी को शिवा के परिजन एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधि विधायक द्वारा लिखे गए,पत्र के साथ डीआईजी से मिले और उसे सुरक्षित राउरकेला लाने की मांग की।

🟠14 वर्ष की उम्र में हुआ था लापता

जानकारी के अनुसार, टांगरपाली थाना क्षेत्र के सुईडीही ग्राम पंचायत अंतर्गत सोनापर्वत गांव निवासी रमा गौड़ के पुत्र पुरुषोत्तम उर्फ शिवा गौड़ वर्ष 2008 में उस समय लापता हो गया था,जब वह मात्र 14 वर्ष का था और आठवीं कक्षा में अध्ययनरत था। पारिवारिक डांट-फटकार के बाद वह घर से निकल गया और कथित रूप से एक ट्रक चालक द्वारा जम्मू-कश्मीर ले जाकर बंधुआ मजदूर बना दिया गया।

🟠30 साल का हो चुका हैं,शिवा

लगभग 17 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अब शिवा की उम्र करीब 30 वर्ष हो चुकी हैं। वह वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के राजपुरा थाना क्षेत्र में मजदूरी करता पाया गया हैं। सूचना मिलने के बाद परिवार और ग्रामीणों में भावनात्मक माहौल हैं।

🟠वृद्ध चाची ने वर्षों तक की सुरक्षित वापसी की गुहार

शिवा का पालन-पोषण करने वाली उसकी वृद्ध चाची उल्लासी ने वर्षों तक उसकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद नहीं छोड़ी। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से लगातार मदद की अपील की। हाल ही में विधायक दुर्गा तांती को पत्र लिखकर शिवा को सुरक्षित वापस लाने और चाची को सौंपने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई।

🟠सरपंच और जनप्रतिनिधि पहुंचे डीआईजी कार्यालय

गुरुवार को स्थानीय सरपंच अरुणा ईरानी, विधायक प्रतिनिधि उमेश नाग तथा परिजन डीआईजी कार्यालय पहुंचे और शिवा की शीघ्र मुक्ति एवं सुरक्षित घर वापसी के लिए प्रशासन से सहयोग की अपील की।17 वर्षों बाद सामने आई यह कहानी प्रशासनिक संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की मांग करती हैं, ताकि शिवा को बंधुआ मजदूरी से मुक्त कर उसके परिवार से पुनर्मिलन कराया जा सके।

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