संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,15जनवरी2026/ विशेष रिपोर्ट-Nexis News
छत्तीसगढ़ की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को, नई ऊर्जा प्रदान करने और देशभर के साहित्यकारों, चिंतकों,कलाकारों तथा पाठकों को एक साझा मंच देने के उद्देश्य से ‘रायपुर साहित्य उत्सव-2026’ का आयोजन 23,24 एवं 25 जनवरी को किया जा रहा हैं। यह तीन दिवसीय साहित्यिक महोत्सव अटल नगर नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित होगा।
इस वर्ष उत्सव की केंद्रीय थीम ‘आदि से अनादि तक’ रखी गई हैं,जो भारतीय साहित्यिक परंपरा की निरंतरता,विकास और गहराई को रेखांकित करती हैं। आयोजन के दौरान नवा रायपुर में साहित्य,रंग और कला की त्रिवेणी की अविरल धारा प्रवाहित होगी।
🟠नवा रायपुर बनेगा साहित्य का केंद्र
रायपुर साहित्य उत्सव के दौरान नवा रायपुर साहित्यिक विमर्श और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहाँ छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति और समकालीन साहित्यिक अभिव्यक्तियों का सुंदर संगम देखने को मिलेगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय साहित्यिक मानचित्र पर सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा हैं।
🟠भव्य उद्घाटन समारोह से होगी गरिमामय शुरुआत
उत्सव का शुभारंभ 23 जनवरी को भव्य उद्घाटन समारोह के साथ होगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्रीगण,प्रतिष्ठित साहित्यकार,लेखक और सांस्कृतिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित रहेंगी। उद्घाटन समारोह पूरे आयोजन की वैचारिक दिशा और स्वर को निर्धारित करेगा।
🟠देशभर के साहित्यकार और विचारक होंगे शामिल
रायपुर साहित्य उत्सव-2026 में देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रसिद्ध साहित्यकार,कवि,लेखक,पत्रकार, विचारक एवं युवा रचनाकार सहभागिता करेंगे। आयोजन के दौरान—
🔸️साहित्यिक संवाद
🔸️पुस्तक विमोचन
🔸️विचार-मंथन सत्र
🔸️सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
🔸️कला प्रदर्शनियाँ
इस साहित्य उत्सव की विशेषता युवाओं की सक्रिय भागीदारी हैं। नई पीढ़ी के लेखकों और कवियों को मंच प्रदान करने के लिए विशेष युवा-केंद्रित सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को जोड़ने का व्यापक अभियान चलाया जा रहा हैं, जिसका सकारात्मक असर दिखाई दे रहा हैं। अब तक 4,000 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं और पंजीकरण प्रक्रिया जारी हैं।
🟠पुस्तक मेले में लेखकों और पाठकों का सीधा संवाद
साहित्य उत्सव के अंतर्गत एक भव्य पुस्तक मेला भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें स्थानीय एवं राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्थान भाग लेंगे। यहाँ पाठकों को नई, लोकप्रिय एवं विचारोत्तेजक पुस्तकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। पुस्तक मेले के दौरान नई पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा,जिससे लेखकों और पाठकों के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा।
🟠लोक संस्कृति से रूबरू कराएंगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
लोकनृत्य, लोकगीत और पारंपरिक छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से दर्शकों को राज्य की जीवंत लोकसंस्कृति से रूबरू कराया जाएगा। रंग, संगीत और लोक परंपराओं से सजी ये प्रस्तुतियाँ उत्सव को विशेष आकर्षण प्रदान करेंगी।
🟠संवाद सत्र और कवि सम्मेलन होंगे आकर्षण का केंद्र
उत्सव के दौरान पत्रकारों, विचारकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ खुले संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक विषयों पर विचार-विमर्श होगा। इसके साथ ही विख्यात कवियों की उपस्थिति में कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जो श्रोताओं को साहित्यिक आनंद से भर देगा।












