संदिली सिंह,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,4फरवरी 2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis News
वनमण्डल कार्यालय बलरामपुर में वनमण्डलाधिकारी आलोक वाजपेयी की अध्यक्षता में अंर्त्तरवनमण्डलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य अंर्त्तराज्यीय समन्वय स्थापित कर वन संरक्षण एवं संवर्धन को सुदृढ़ बनाना तथा मानव-वन्यजीव द्वंद, अवैध वनोपज परिवहन और अवैध वन्यप्राणी शिकार जैसी गतिविधियों को न्यूनतम करना रहा।
बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में हाथियों के बढ़ते विचरण से, ग्रामीण इलाकों में हो रही क्षति एवं मानव-हाथी संघर्ष के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में वन्यजीव गतिविधियों और अवैध तस्करी की समस्याएं राज्य सीमाओं के पार तक फैली हुई हैं, जिनके समाधान के लिए आपसी समन्वय, साझा रणनीति एवं सूचना आदान-प्रदान प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता हैं।इस दौरान अंर्त्तराज्यीय स्तर पर संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने, निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में सतत गश्त बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
बैठक में उप निदेशक, पलामू टाइगर प्रोजेक्ट उत्तरी प्रमण्डल, मेदनीनगर (झारखंड) प्रजेश कांत जेना, आरएफओ अजय कुमार टोप्पो, फील्ड बायोलॉजिस्ट (PIR) तापस कर्मकार, जीआईएस एक्सपर्ट मनीष कुमार बक्शी, आईबीओ श्रवण कुमार गुप्ता, आईबीओ रजनीश कुमार सिंह, एसबीओ सत्यनारायण उरांव, डिजिटल मैनेजर अमन कुमार, ग्रासलैंड एक्सपर्ट अभय कुमार, वेटनरी सर्जन डॉ. सुनील कुमार, एसबीओ देवपाल भगत, उप वनमण्डलाधिकारी बलरामपुर अनिल कुमार सिंह, आरएफओ निखिल सक्सेना सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।












