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बस्तर में विकास कार्यों पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव का सख्त रुख, अधूरे निर्माण कार्यों पर जताई नाराजगी, जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत भी परखी

संदिली सिंह,जगदलपुर,छत्तीसगढ़,6जून2026/विशेष रिपोर्ट-Nexis Newsछत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बस्तर संभाग में चल रहे निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं का दूसरे दिन भी गहन निरीक्षण किया। कांकेर और कोंडागांव के दौरे के बाद शनिवार को उन्होंने जगदलपुर और आसपास के क्षेत्रों में पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज तथा जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधूरे और विलंबित कार्यों पर उन्होंने अधिकारियों एवं ठेकेदारों को कड़ी फटकार लगाते हुए समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए।

🟠खड़कघाट पुल निर्माण में देरी पर जताई नाराजगी

उप मुख्यमंत्री ने जगदलपुर में इंद्रावती नदी पर निर्माणाधीन खड़कघाट पुल का निरीक्षण किया। लगभग 48.60 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस उच्च स्तरीय पुल का निर्माण निर्धारित समय सीमा के बाद भी पूरा नहीं होने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।🟠फोरलेन सड़क और ड्रेनेज कार्य में लापरवाही पर फटकार

अग्रसेन चौक से पल्ली नाका तक बन रही 5 किलोमीटर फोरलेन सड़क का निरीक्षण करते हुए, साव ने बारिश के मौसम से पहले ड्रेनेज निर्माण कार्य अधूरा पाए जाने पर नाराजगी जाहिर की। लगभग 27 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस सड़क को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

🟠रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी

केशलूर-जगदलपुर मार्ग पर किरंदुल-विशाखापत्तनम रेलवे लाइन के ऊपर बन रहे 69.36 करोड़ रुपये की लागत वाले फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण करते हुए उप मुख्यमंत्री ने निर्माण की धीमी गति पर अधिकारियों और ठेकेदार को फटकार लगाई। उन्होंने परियोजना को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

🟠दुगनपाल में घर-घर जाकर देखी नल से जल की आपूर्ति

निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तोकापाल विकासखंड के दुगनपाल गांव पहुंचकर जल जीवन मिशन की जमीनी स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं कमलीन, पाली और देवमती के घर जाकर नल से आने वाले पानी की धार देखी और ग्रामीणों से चर्चा की।गांव में जल जीवन मिशन के तहत सभी 131 घरों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। पिछले पांच महीनों से ग्रामीणों को प्रतिदिन लगभग तीन घंटे नियमित पेयजल आपूर्ति हो रही हैं।

🟠जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

दुगनपाल में आयोजित जल अर्पण कार्यक्रम में शामिल होकर उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल और पर्यावरण संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी हैं।

🟠विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए,कि प्रदेश में चल रहे सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

 

 

 

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