न्यूज डेस्क,धरमजयगढ़,9जून2026
धरमजयगढ़ क्षेत्र के ग्राम रूपुंगा में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई हैं। ग्रामीणों के अनुसार करीब 4 एकड़ भूमि पर 60 से 70 से अधिक पेड़ों की कटाई की गई हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।जानकारी के मुताबिक मामले का खुलासा एक जागरूक शिक्षक की सतर्कता के बाद हुआ। ग्रामीणों का आरोप हैं,कि पेड़ों की कटाई के बाद भूमि को समतल कर खेत बनाने के लिए जेसीबी मशीन चलाने की भी तैयारी की जा रही थी। मामला सार्वजनिक होने और मीडिया में आने के बाद संबंधित पक्षों द्वारा अलग-अलग दावे किए जाने लगे हैं।
🟠जमीन मालिक और कटाई को लेकर सामने आए अलग-अलग दावे
स्थानीय सूत्रों के अनुसार जिस भूमि पर पेड़ों की कटाई हुई है, वह तिलकराम पटेल, निवासी जोबितराई (रायगढ़) के नाम पर बताई जा रही हैं। वहीं अब यह दावा भी किया जा रहा हैं,कि पेड़ों की कटाई किसी अन्य व्यक्ति द्वारा कराई गई हैं।ग्रामीणों का कहना हैं, कि यदि वास्तव में किसी अन्य व्यक्ति ने जमीन पर जाकर पेड़ों की कटाई की हैं,तो इसकी शिकायत संबंधित विभाग या पुलिस में दर्ज कराई जानी चाहिए थी। शिकायत दर्ज नहीं होने की स्थिति में ग्रामीण पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
🟠पर्यावरण संरक्षण को लेकर उठे सवाल
यह मामला रायगढ़ जिले का हैं, जो प्रदेश के पर्यावरण मंत्री का गृह जिला भी हैं। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए अभियान चला रही हैं, वहीं दूसरी ओर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की घटनाएं चिंता का विषय हैं।ग्रामीणों का मानना हैं,कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को नुकसान न पहुंचे।
🟠प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें
अब पूरे मामले में राजस्व विभाग और अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। ग्रामीणों ने मांग की हैं,कि मौके पर जांच कराई जाए और पेड़ों की कटाई के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।ग्रामीणों का कहना हैं,कि यदि इतने बड़े स्तर पर हुई कथित कटाई के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है, तो इससे पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकारी दावों पर सवाल उठ सकते हैं।












