न्यूज डेस्क,राउरकेला,उड़ीसा,9जून2026
राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) में माल परिवहन कार्यों में,स्थानीय वाहनों की उपेक्षा और बाहरी राज्यों के टिपर एवं हाइवा वाहनों को प्राथमिकता दिए जाने के,विरोध में रघुनाथपाली टिपर ओनर्स एसोसिएशन ने मंगलवार सुबह से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। आंदोलन के समर्थन में बड़ी संख्या में वाहन मालिक धरना स्थल पर जुटे और स्थानीय परिवहन व्यवसायियों को काम देने की मांग उठाई।संघ का आरोप है कि आरएसपी में माल परिवहन कार्यों के लिए बाहरी वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही हैं, जिससे संगठन से जुड़े लगभग 200 स्थानीय वाहन मालिकों के सामने रोजगार और आर्थिक संकट खड़ा हो गया हैं।
🟠कई दौर की वार्ता बेनतीजा, आंदोलन का फैसला
संघ के पदाधिकारियों ने बताया,कि इस मुद्दे को लेकर आरएसपी प्रबंधन के साथ कई बार चर्चा की गई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसके बाद संगठन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना प्रदर्शन का निर्णय लिया।हड़ताल के तहत देओगांव स्थित आरएसपी स्लैग गेट के सामने धरना दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने बाहरी राज्यों से आए वाहनों के संयंत्र में प्रवेश पर आपत्ति जताई और स्थानीय वाहन मालिकों को प्राथमिकता देने की मांग की।
🟠स्थानीय व्यवसायियों को प्राथमिकता देने की मांग
धरने में संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार पटनायक, महासचिव अवनी रंजन षडंगी, उपाध्यक्ष देव प्रसाद मिश्र, कोषाध्यक्ष ब्रज किशोर सामल, सह सचिव अजीत छोटराय और सौम्य रंजन नायक सहित बड़ी संख्या में वाहन मालिक शामिल हुए।संघ नेताओं ने कहा कि जब तक स्थानीय परिवहन व्यवसायियों को उचित अवसर नहीं दिया जाता और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
🟠विधायक दुर्गा चरण तांती ने दिया समर्थन
आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे रघुनाथपाली विधायक एवं जिला योजना बोर्ड के अध्यक्ष दुर्गा चरण तांती ने कहा,कि राउरकेला जैसे औद्योगिक शहर में स्थानीय लोगों, ठेकेदारों और वाहन मालिकों को रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।उन्होंने कहा,कि कई स्थानीय वाहन मालिक बैंक से ऋण लेकर अपने वाहन संचालित कर रहे हैं। काम नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही हैं। विधायक ने आरएसपी प्रबंधन से जल्द हस्तक्षेप कर स्थानीय वाहन मालिकों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
🟠आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरना स्थल पर दिनभर प्रदर्शन और नारेबाजी जारी रही। संगठन के नेताओं ने चेतावनी दी,कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।












