संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,10जून2026
बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन बैंकिंग ठगी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से रायपुर में पुलिस एवं बैंक अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई, बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और पीड़ितों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक का आयोजन पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें शहर के विभिन्न सरकारी और निजी बैंकों के नोडल अधिकारियों ने भाग लिया।
🟠साइबर ठगी के पीड़ितों को तत्काल सहायता देने के निर्देश
बैठक में बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया गया,कि साइबर ठगी का शिकार होने वाले लोगों को तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक किया जाए, ताकि समय रहते राशि होल्ड कर पीड़ितों को राहत दिलाई जा सके।
🟠नए खातों और संदिग्ध लेन-देन पर रहेगी कड़ी नजर
बैठक में नए बैंक खातों के भौतिक सत्यापन, कॉर्पोरेट खातों की गहन जांच, बैंक शाखाओं में सीसीटीवी निगरानी को और मजबूत करने तथा संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधी अक्सर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाते खुलवाकर ऑनलाइन ठगी की रकम का लेन-देन करते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए बैंकों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बेहद आवश्यक हैं।
🟠पुलिस-बैंक समन्वय से साइबर अपराधियों पर शिकंजा
बैठक में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस और बैंकिंग संस्थाओं के बीच सूचना साझा करने की, प्रक्रिया को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने विश्वास जताया,कि संयुक्त प्रयासों से साइबर ठगी के मामलों में कमी लाई जा सकेगी और लोगों की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखा जा सकेगा।












