न्यूज डेस्क,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,24जून2026
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ विकासखंड से भ्रष्टाचार और बच्चों की सुरक्षा के साथ,खिलवाड़ का एक बेहद संगीन मामला सामने आया हैं। यहाँ बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल में जिस अहाता का निर्माण होना था, वह जमीन पर आज तक शुरू ही नहीं हुआ, लेकिन उसके नाम पर लाखों रुपये का आहरण पहले ही कर लिया गया। सबसे डरावनी बात यह हैं,कि यह स्कूल सीधे मुख्य सड़क से लगा हुआ हैं,जिससे मासूम बच्चों पर हर वक्त किसी बड़े हादसे या अप्रिय घटना का खतरा मंडरा रहा हैं।इस खुली लूट और लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए जनपद पंचायत शंकरगढ़ के,मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने निर्माण एजेंसी के खिलाफ रिकवरी प्रकरण दर्ज कर वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी हैं। प्राप्त आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, इस पूरे मामले में निर्माण एजेंसी रही ग्राम पंचायत जगिमा की घोर लापरवाही और वित्तीय अनियमितता उजागर हुई हैं।
🟠सड़क से लगा हैं स्कूल: कभी भी घट सकती हैं, बड़ी दुर्घटना!
ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, प्राथमिक शाला कटारीकोना का परिसर सीधे व्यस्त सड़क से सटा हुआ हैं। स्कूल में सुरक्षा घेरा न होने के कारण खेलते-खेलते बच्चों के, अचानक सड़क पर आ जाने या किसी अनियंत्रित वाहन के स्कूल परिसर में घुस जाने का डर हमेशा बना रहता हैं। जिम्मेदार अधिकारी और ग्राम पंचायत के नुमाइंदे इस गंभीर खतरे से वाकिफ थे, इसके बावजूद बच्चों की जिंदगी को दांव पर लगाकर राशि का गबन कर लिया गया।
🟠खेल समझिए: काम की प्रगति शून्य, पर 2 लाख का चेक कट गया!
कार्यालय जिला पंचायत बलरामपुर-रामानुजगंज के, आदेश क्रमांक 4581/शिक्षा-निर्माण/जि.पं./2022 दिनांक 25.03.2022 के तहत शिक्षा अनुदान मद से इस अहाता निर्माण के लिए 5 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे।निर्माण कार्य को तुरंत शुरू कराने के लिए, जनपद पंचायत कार्यालय द्वारा चेक क्रमांक 048904 दिनांक 17.05.2021 के माध्यम से निर्माण एजेंसी, ग्राम पंचायत जगिमा को दो लाख रुपये की एडवांस राशि का भुगतान भी कर दिया गया था। लेकिन एडवांस राशि जेब में जाते ही जिम्मेदार ऐसे सोए,कि आज 2026 आ जाने के बाद भी मौके पर एक ईंट तक नहीं रखी गई। यानी धरातल पर काम पूरी तरह शून्य रहा और पैसा ठिकाने लगा दिया गया।
🟠बार-बार दिए गए निर्देश,पर डकार गए सरकारी फंड
प्राप्त दस्तावेज साफ तौर पर गवाही दे रहा हैं,कि विभाग द्वारा निर्माण कार्य शुरू करने और उसे पूरा करने के लिए बार-बार कड़े निर्देश और नोटिस दिए गए। इसके बावजूद निर्माण एजेंसी ने न तो काम शुरू कराया और न ही सरकारी पैसा वापस किया। नौनिहालों की सुरक्षा को ताक पर रखकर सरकारी राशि को दबाकर बैठने की इस हठधर्मिता के बाद आखिरकार प्रशासन को कड़ा कदम उठाना पड़ा।
🟠अब होगी पाई-पाई की वसूली
मामले को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत शंकरगढ़ के CEO ने पत्र क्रमांक 1215/ज.पं./2026 दिनांक 09.06.2026 के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी अनुभाग-शंकरगढ़ को आर.आर.सी. प्रकरण दर्ज करने हेतु पत्र सादर प्रेषित कर दिया हैं। अब ग्राम पंचायत जगिमा को दी गई दो लाख की राशि की भू-राजस्व की भांति कड़ाई से वसूली की जाएगी।इस महत्वपूर्ण कार्रवाई की प्रतिलिपि कलेक्टर महोदया बलरामपुर-रामानुजगंज और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को भी सूचनार्थ भेजी जा चुकी हैं,ताकि बड़े स्तर पर भी मॉनिटरिंग की जा सके।
🟠Nexis News का तीखा सवाल: अगर कोई अप्रिय घटना हुई, तो जिम्मेदारी किसकी?
🔸️बिना काम किए जनता के टैक्स का पैसा डकार जाना और बच्चों को मौत के कुएं में धकेलना सीधे तौर पर आपराधिक कृत्य हैं।
🟠Nexis News प्रशासन और भ्रष्टाचारियों से यह सीधा सवाल पूछता हैं:
🔸️यह स्कूल मुख्य सड़क से लगा हुआ हैं; अगर बाउंड्रीवॉल न होने की वजह से किसी बच्चे के साथ कोई अनहोनी या अप्रिय घटना घटती हैं,तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? क्या तब भी प्रशासन सिर्फ कागजी आर.आर.सी. जारी करेगा?
🔸️4 साल से अधिक समय तक इस पैसे को दबाकर रखने और बच्चों की जान खतरे में डालने वाले सरपंच और सचिव पर F.I.R. दर्ज कर उन्हें जेल क्यों नहीं भेजा गया?
🔸️दोषियों पर जब तक पद से हटाने और जेल भेजने जैसी सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक ऐसे भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद रहेंगे। Nexis News इस मामले को तब तक उठाता रहेगा जब तक कि मासूम बच्चों को सुरक्षा दीवार नहीं मिल जाती और दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता।
(ब्यूरो रिपोर्ट, Nexis News)












