न्यूज डेस्क,अंबिकापुर,छत्तीसगढ़,24जून2026
सरगुजा पुलिस ने अवैध रेत परिवहन से जुड़े चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए,मुख्य आरोपी लड्डन खान को गिरफ्तार कर लिया हैं। मामले में, शामिल दो विधि से संघर्षरत बालकों को भी पुलिस ने पकड़ लिया हैं। आरोपियों पर नगर सैनिक के साथ मारपीट कर रेत से भरे वाहन को छुड़ाने का आरोप हैं।डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देश पर साइबर सेल और गांधीनगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त की हैं।
🟠क्या हैं,पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रायपुर खनिज शाखा में, पदस्थ नगर सैनिक तारकेश्वर वर्मा 22 जून को केंद्रीय उड़नदस्ता टीम के साथ सरगुजा संभाग में खनिज जांच अभियान पर आए थे। कार्रवाई के दौरान एक रेत से भरे वाहन को अभिरक्षा में लेकर कलेक्ट्रेट अंबिकापुर ले जाया जा रहा था।इसी दौरान वाहन चालक ने वाहन मालिक लड्डन खान का नाम लेते हुए नगर सैनिक को धमकी दी। गांधीनगर चौक के पास वाहन रुकवाकर लड्डन खान अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और नगर सैनिक के साथ गाली-गलौज एवं मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने वर्दी फाड़ने का प्रयास किया तथा नगर सैनिक को वाहन से उतारकर पकड़ लिया। इसी बीच रेत से भरा वाहन मौके से फरार हो गया।
🟠पहले दो आरोपी हुए थे गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित की थी। कार्रवाई के पहले चरण में आरोपी सोनू टोप्पो और धनसिंह टोप्पो को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी लड्डन खान (43 वर्ष) और दो विधि से संघर्षरत बालकों को भी हिरासत में ले लिया।पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य जुटाकर वैधानिक कार्रवाई की।
🟠गंभीर धाराओं में दर्ज अपराध
गांधीनगर थाना में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 221, 121(1), 132, 296 एवं 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया हैं। मुख्य आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया हैं,जबकि विधि से संघर्षरत बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
🟠पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, उप निरीक्षक दिलीप दुबे, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक विकास सिन्हा, आरक्षक रमन मंडल, राहुल सिंह, अमन पुरी, मनीष सिंह एवं सैनिक अनिल साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।












