संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,1जुलाई2026
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के नगरीय निकायों को बड़ी वित्तीय सौगात देते हुए,महापौर निधि, अध्यक्ष निधि और पार्षद निधि के तहत 104 करोड़ 54 लाख 25 हजार रुपये जारी किए हैं। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद,नगरीय प्रशासन विभाग ने यह राशि प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को जारी कर दी हैं।उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं,कि इस राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए ताकि शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को विकास योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने कहा,कि इन निधियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर आवश्यक विकास कार्यों को गति मिलेगी और नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
🟠पहली किस्त के रूप में जारी हुई राशि
राज्य शासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए महापौर निधि और अध्यक्ष निधि की 50 प्रतिशत प्रथम किस्त जारी की हैं। इसके तहत कुल 31 करोड़ 16 लाख 25 हजार रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में पार्षद निधि के रूप में 73 करोड़ 38 लाख रुपये भी जारी किए गए हैं।
🟠निकायवार जारी हुई राशि विभाग द्वारा जारी राशि में—
🔸️14 नगर निगमों के लिए महापौर निधि के रूप में 10 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपये
🔸️57 नगर पालिकाओं के लिए अध्यक्ष निधि के रूप में 11 करोड़ 6 लाख 25 हजार रुपये
🔸️121 नगर पंचायतों के लिए अध्यक्ष निधि के रूप में 9 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये जारी किए गए हैं।
🟠वहीं पार्षद निधि की प्रथम किस्त के रूप में—
🔸️नगर निगमों को 21 करोड़ 84 लाख रुपये
🔸️नगर पालिकाओं को 24 करोड़ 34 लाख 50 हजार रुपये
🔸️नगर पंचायतों को 27 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपये प्रदान किए गए हैं।
🟠मूलभूत सुविधाओं के विकास को मिलेगी रफ्तार
राज्य सरकार के अनुसार इस राशि का उपयोग नगरीय क्षेत्रों में सड़क, नाली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता सहित अन्य आवश्यक मूलभूत विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों को विकास कार्य कराने में सुविधा मिलेगी और नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा,कि सभी नगरीय निकाय यह सुनिश्चित करें कि निधि का उपयोग जनहित और विकास कार्यों में प्राथमिकता के साथ किया जाए तथा प्रत्येक कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए।












