न्यूज डेस्क,बीजापुर,छत्तीसगढ़,2जुलाई 2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में,बस्तर में विकास और सुशासन की नई तस्वीर उभर रही हैं। इसका सबसे प्रेरक उदाहरण बीजापुर जिले का पीडिया क्षेत्र हैं,जहां करीब 21 वर्षों बाद बंद पड़े 11 स्कूलों में फिर से पढ़ाई शुरू हो गई हैं। अब 11 गांवों के 539 बच्चों को अपने ही गांव में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा हैं। यह बदलाव केवल स्कूलों के दोबारा खुलने तक सीमित नहीं, बल्कि क्षेत्र में विश्वास, विकास और नई उम्मीद की वापसी का प्रतीक बन गया हैं।
🟠प्रवेशोत्सव में बच्चों का हुआ आत्मीय स्वागत
पीडिया में आयोजित शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा ने,मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ किया। इस दौरान शिक्षादूतों को रजिस्टर और शिक्षण सामग्री प्रदान की गई, जबकि नवप्रवेशी बच्चों को स्कूल बैग, कॉपी, पेन और स्लेट वितरित कर विद्यालय में प्रवेश दिलाया गया।बच्चों का तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर और शुभकामनाओं के साथ स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और अभिभावकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।
🟠11 गांवों में फिर लौटी पढ़ाई की रौनक
माओवादी हिंसा के कारण वर्षों पहले बंद हुए पीडिया, पेदापाल, छोटेगोटोडी, कुएम, मदपाल, अंडरी, इडेनार, डोंडीतुमनार, मिरगानघोटूल, गमपुर और तमोड़ी गांवों के स्कूल अब दोबारा संचालित होने लगे हैं। इससे बच्चों को शिक्षा के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
🟠इस वर्ष 37 बंद स्कूलों का हुआ पुनः संचालन
जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पांडे ने बताया,कि जिला प्रशासन के विशेष अभियान के तहत इस वर्ष अब तक 20 प्राथमिक और 17 उच्च प्राथमिक विद्यालय, यानी कुल 37 बंद स्कूलों को पुनः शुरू किया जा चुका हैं। इन स्कूलों में भवन, पेयजल, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा हैं।
🟠हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता
कलेक्टर विश्वदीप ने कहा,कि जिले के प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। जिन क्षेत्रों में अब शांति और सामान्य स्थिति स्थापित हुई हैं,वहां चरणबद्ध तरीके से बंद स्कूलों को फिर से शुरू किया जा रहा हैं,ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
🟠बदलते बस्तर की नई पहचान बना पीडिया
पीडिया में 21 वर्षों बाद स्कूलों का दोबारा खुलना बदलते बस्तर की नई पहचान बनकर उभरा हैं। जिन गांवों में कभी भय और सन्नाटा था, वहां आज बच्चों की मुस्कान, स्कूलों की चहल-पहल और शिक्षा का उजाला दिखाई दे रहा हैं। यह पहल बताती हैं,कि सरकार के सतत प्रयासों से बस्तर अब शिक्षा, विकास और बेहतर भविष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा हैं।












