न्यूज डेस्क,जशपुर,छत्तीसगढ़,7जुलाई 2026
जशपुर पुलिस कार्यालय में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने जिले के,सभी अनुविभागों के लंबित अपराधों, चालानों, मर्ग, शिकायतों और विवेचनाधीन मामलों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए,कि सभी लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले विवेचकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
🟠अवैध गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस
बैठक में डीआईजी-एसएसपी ने गौ-तस्करी, गांजा तस्करी, अवैध शराब, जुआ, सट्टा, नशीली दवाओं के कारोबार और अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा,कि यदि किसी थाना क्षेत्र में पुलिस कर्मियों की संलिप्तता पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
🟠फरार अपराधियों और साइबर अपराध पर विशेष फोकस
डॉ. लाल उमेद सिंह ने फरार आरोपियों की धरपकड़ में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं साइबर सेल को ऑनलाइन ठगी, साइबर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों और तकनीकी सहायता से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा गया। साइबर सेल प्रभारी डीएसपी भावेश कुमार समरथ को थाना-चौकी स्तर पर आवश्यक तकनीकी सहयोग समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
🟠वाहन जांच अभियान होगा तेज
जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को बैरिकेड लगाकर नियमित वाहन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बिना हेलमेट, तीन सवारी, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने, मोबाइल फोन पर बात करते हुए,वाहन चलाने तथा शराब के नशे में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पुलिस का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करना है।
🟠’पुलिस मितान’ व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर
बैठक में डीआईजी-एसएसपी ने पुलिस मितान योजना को सामुदायिक पुलिसिंग की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए,थाना एवं चौकी प्रभारियों को पुलिस मितानों के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा,कि कानून-व्यवस्था, साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा, नशा मुक्ति और यातायात जागरूकता जैसे अभियानों में पुलिस मितानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
🟠गांवों में मजबूत होगी पुलिसिंग
उन्होंने निर्देश दिए,कि प्रत्येक शिकायतकर्ता के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और कोई भी व्यक्ति थाना-चौकी से निराश होकर वापस न लौटे। निगरानी बदमाशों की नियमित निगरानी, पैदल मार्च, कॉम्बिंग गश्त और शाम के समय विजिबल पुलिसिंग बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही प्रत्येक गांव में सुरक्षा प्रभारी अधिकारियों की जवाबदेही तय कर ग्रामीण शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार, एसडीओपी ध्रुवेश कुमार जायसवाल, दिलीप कुमार कोसले, उप पुलिस अधीक्षक भावेश कुमार समरथ, सभी थाना-चौकी प्रभारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।












