संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,17जुलाई2026
कभी नक्सल हिंसा के कारण सुर्खियों में रहने वाला, सुकमा अब खेल प्रतिभाओं की नई उड़ान के लिए देश-दुनिया में पहचान बना रहा हैं। जिले की होनहार खिलाड़ी शैली गुप्ता ने नई दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में,आयोजित अंतरराष्ट्रीय मत्सोगी-डो चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 49 किलोग्राम सीनियर महिला वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत, छत्तीसगढ़ और सुकमा का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन कर दिया।
🟠नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के खिलाड़ियों को पछाड़कर जीता गोल्ड
24 से 26 जून तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में नेपाल,भूटान और बांग्लादेश सहित कई देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। शैली गुप्ता ने पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन करते हुए,फाइनल मुकाबले में एकतरफा जीत दर्ज की और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।यह उपलब्धि न केवल उनकी मेहनत का परिणाम हैं,बल्कि सुकमा की बदलती तस्वीर का भी प्रतीक बन गई हैं।
🟠नक्सल प्रभावित क्षेत्र से निकली अंतरराष्ट्रीय चैंपियन
कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले सुकमा से,अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना इस बात का प्रमाण हैं,कि प्रतिभा परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और सरकारी सहयोग से जिले के युवा अब वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
🟠उपमुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री ने दी बधाई
शैली की इस ऐतिहासिक सफलता पर उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव तथा सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने उन्हें बधाई देते हुए,उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी।
🟠कलेक्टर से की मुलाकात, हरसंभव सहयोग का मिला भरोसा
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से लौटने के बाद शैली गुप्ता ने, अपने माता-पिता के साथ सुकमा कलेक्टर अमित कुमार से मुलाकात की। कलेक्टर ने उन्हें सम्मानित करते हुए,उच्च शिक्षा और खेल के क्षेत्र में प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
🟠खेल सुविधाओं का दिखने लगा असर
राज्य सरकार द्वारा सुकमा में खेल अधोसंरचना के विकास, आधुनिक प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में भागीदारी और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की, योजनाओं का सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा हैं। दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार सफलता हासिल कर रहे हैं।
🟠बदलते सुकमा की नई पहचान
शैली गुप्ता का स्वर्ण पदक केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि बदलते हुए सुकमा, बस्तर और छत्तीसगढ़ की नई पहचान का प्रतीक हैं। यह सफलता साबित करती हैं,कि यदि अवसर और सही दिशा मिले तो छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों के युवा भी दुनिया के मंच पर तिरंगा लहरा सकते हैं।











