न्यूज डेस्क,सूरजपुर,छत्तीसगढ़,20जुलाई2026
सूरजपुर पुलिस ने न्यायालय में फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए,आरोपियों की जमानत कराने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया हैं। जांच में सामने आया हैं,कि आरोपी ने सूरजपुर और अंबिकापुर के विभिन्न न्यायालयों में भी इसी तरह फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आरोपियों की जमानत कराई थी।गिरफ्तार आरोपी की पहचान देव प्रताप सिंह (34 वर्ष) निवासी ग्राम अजबनगर (रंगपारा), थाना जयनगर, जिला सूरजपुर के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 525/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319 एवं 337 के तहत मामला दर्ज कर विधिवत गिरफ्तार किया गया है।
🟠पिता के नाम से बनाया फर्जी आधार, खुद बनकर पहुंचा जमानतदार
पुलिस जांच में खुलासा हुआ,कि आरोपी ने अपने पिता के नाम से फर्जी आधार कार्ड तैयार कराया और उसी पहचान के आधार पर न्यायालय में उपस्थित होकर अपने पिता की जगह हस्ताक्षर किए। इसके बाद उसने आरोपियों की जमानत कराई। पुलिस के अनुसार यह न्यायालय को गुमराह करने और न्यायिक प्रक्रिया से छेड़छाड़ का गंभीर अपराध हैं।
🟠कई मामलों में एक ही तरीका अपनाने का खुलासा
विवेचना के दौरान पता चला,कि आरोपी के खिलाफ पहले से भी ऐसे मामलों की जांच जारी हैं। उसने सूरजपुर न्यायालय के आपराधिक प्रकरण क्रमांक 28/2025 और 30/2025 में भी कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए आरोपियों की जमानत कराई थी। वहीं अंबिकापुर न्यायालय में भी इसी तरह के मामले की जांच जारी हैं।
🟠जांच में नहीं किया सहयोग,फर्जी दस्तावेज अब तक बरामद नहीं
पुलिस ने आरोपी को बीएनएसएस की धारा 35(ए) के तहत नोटिस देकर जांच में शामिल होने के लिए बुलाया था, लेकिन उसने सहयोग नहीं किया। पूछताछ के दौरान वह यह भी नहीं बता सका कि फर्जी आधार कार्ड कहां तैयार कराया गया और कहां छिपाया गया। इसी कारण पुलिस अब तक उस दस्तावेज को बरामद नहीं कर सकी हैं।
🟠अन्य आरोपियों और नेटवर्क की भी होगी जांच
पुलिस ने आरोपी को 17 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अब यह जांच की जा रही हैं,कि उसने प्रदेश के अन्य न्यायालयों में भी इस तरह की धोखाधड़ी की हैं या नहीं। साथ ही फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह या सहयोगियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही हैं।












