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“बच्चों को गाड़ी नहीं,भविष्य दें” : जशपुर पुलिस का मेगा जागरूकता अभियान, नाबालिग ड्राइविंग पर सख्त चेतावनी

न्यूज डेस्क,जशपुर,छत्तीसगढ़,1अगस्त 2026

सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने,नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जशपुर पुलिस ने, जिलेभर के स्कूलों और महाविद्यालयों में विशेष जन-जागरूकता अभियान शुरू किया हैं। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत विद्यार्थियों को सुरक्षित यातायात,साइबर सुरक्षा और महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी दी जा रही हैं।इसी कड़ी में सेंट जेवियर हायर सेकेंडरी स्कूल (शांति भवन), जशपुर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया,जहां डीएसपी ट्रैफिक कुंज राम चौहान एवं ट्रैफिक प्रभारी उप निरीक्षक खेमराज ठाकुर ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया।

🟠सड़क सुरक्षा का दिया संदेश, हेलमेट और सीट बेल्ट की अहमियत समझाई

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया,कि सड़क पर छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। पुलिस अधिकारियों ने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, यातायात संकेतों का पालन करने और सुरक्षित वाहन चलाने की आदत विकसित करने पर विशेष जोर दिया।छात्रों से कहा गया,कि वे स्वयं नियमों का पालन करें और अपने परिवार के सदस्यों को भी सुरक्षित यातायात के लिए प्रेरित करें।

🟠साइबर अपराधों से बचने के आसान उपाय भी बताए

पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, ओटीपी साझा करने के खतरे और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई।

🟠महिला एवं बाल सुरक्षा कानूनों की दी जानकारी

कार्यक्रम में महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए,विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में बिना डर पुलिस से संपर्क करें।पुलिस ने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी गलत गतिविधि की सूचना तुरंत देने के लिए प्रेरित किया।

🟠एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह की अभिभावकों से भावुक अपील

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील करते हुए कहा,

“बच्चों को गाड़ी नहीं, भविष्य दें। सुरक्षित बचपन ही सुरक्षित भविष्य की आधारशिला हैं।”

उन्होंने कहा,कि नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने देना न केवल कानून का उल्लंघन हैं,बल्कि उनके जीवन को भी खतरे में डालना हैं। अभिभावकों को चाहिए,कि वे बच्चों में अनुशासन, जिम्मेदारी और यातायात नियमों के पालन की आदत विकसित करें।

🟠नाबालिग ड्राइविंग पर सख्त कानून

जशपुर पुलिस ने स्पष्ट किया,कि 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी नाबालिग द्वारा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना दंडनीय अपराध हैं।

🟠ऐसे मामलों में

🔸️₹25,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता हैं।

🔸️3 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान हैं।

🔸️वाहन का पंजीयन (Registration) निरस्त किया जा सकता हैं।

🔸️संबंधित नाबालिग को 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं किया जा सकता।

🔸️वाहन मालिक एवं अभिभावक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।

🟠जागरूक समाज ही सुरक्षित समाज

जशपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की हैं,कि वे यातायात नियमों का पालन करें,साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहें तथा महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस का सहयोग करें। पुलिस का कहना हैं,कि जागरूक नागरिक ही सुरक्षित, जिम्मेदार और अपराधमुक्त समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं।

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