अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,9सितंबर2026
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (आवास प्लस 2.0) के क्रियान्वयन में नियमों की अनदेखी और पात्र हितग्राहियों को,सूची से बाहर किए जाने के मामले में बलरामपुर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया हैं। कुसमी जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत चैनपुर और रामचन्द्रपुर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत मरमा में, हुई जांच के बाद संबंधित सरपंचों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई हैं,जबकि पंचायत सचिवों से स्पष्टीकरण मांगा गया हैं।मामले की शिकायत मिलने के बाद जिला पंचायत CEO डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया था। जांच दलों ने मौके पर भौतिक सत्यापन, दस्तावेजों की जांच तथा ग्रामीणों और संबंधित हितग्राहियों के बयान दर्ज किए। जांच में सूची से बाहर किए गए कई हितग्राहियों के पात्र पाए जाने की बात सामने आई।
🟠चैनपुर में 67 और मरमा में 30 पात्र हितग्राही मिले
जांच रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम पंचायत चैनपुर में 96 हितग्राहियों को अपात्र दर्शाया गया था। इनमें से 67 हितग्राही योजना की पात्रता शर्तें पूरी करते हुए,पाए गए।इसी तरह ग्राम पंचायत मरमा में 82 हितग्राहियों को अपात्र किया गया था, जिनमें से जांच के दौरान 30 हितग्राही पात्र पाए गए।जिला प्रशासन के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया,कि संबंधित पंचायत पदाधिकारियों और अमले द्वारा हितग्राहियों की वास्तविक भौतिक एवं आर्थिक स्थिति का पर्याप्त परीक्षण किए बिना उन्हें सूची से बाहर किया गया।
🟠सरपंचों पर धारा 40 के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया
पदीय दायित्वों के दुरुपयोग और शासन के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के मामले में चैनपुर की सरपंच, सपना तथा मरमा की सरपंच चन्द्रमणी सिंह के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 40 के तहत वैधानिक कार्रवाई के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुसमी एवं रामचन्द्रपुर को पत्र भेजा गया हैं।वहीं पंचायत सचिव शिवधारी राम और नेहरू सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया हैं। दोनों को तीन कार्य दिवस के भीतर साक्ष्यों सहित अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध पृथक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
🟠पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने पर जोर
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया हैं,कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के, क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर मनमानी, पक्षपात या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने कहा हैं, कि पात्र हितग्राहियों को उनके अधिकारों से वंचित किए जाने की शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।आवास प्लस 2.0 के तहत पात्र परिवारों को योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही हैं।












