हर घर तक स्वच्छ पेयजल और जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता, सीएम साय ने दिए मिशन मोड में काम के निर्देश

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,11सितंबर2026

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा,कि जल संरक्षण केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय हैं। प्रदेश में जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण और हर परिवार तक, स्वच्छ पेयजल पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक में, अधिकारियों को जल संचय और जल जीवन मिशन के कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने मार्च 2028 तक सभी जल संरचनाओं को पूर्ण करने की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए।

🟠जनभागीदारी से मजबूत होगा जल संरक्षण अभियान

मुख्यमंत्री साय ने जल संचय जन भागीदारी अभियान की जिलेवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा,कि जल संरक्षण को केवल शासकीय कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए,इसे व्यापक जन-अभियान बनाया जाना चाहिए।उन्होंने कहा,कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश के कई जिलों ने जल संचय जन भागीदारी अभियान में उल्लेखनीय कार्य किया हैं। अब सभी जिलों को निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए प्रयास करना होगा।

🟠कोरिया, धमतरी और राजनांदगांव के कार्यों की सराहना

मुख्यमंत्री ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से अभियान की जिलेवार प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कोरिया, धमतरी, राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की।उन्होंने कहा,कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों के अनुभव और कार्यप्रणाली को अन्य जिलों के साथ साझा किया जाए, ताकि पूरे प्रदेश में जल संरक्षण के प्रयासों को समान गति मिल सके।जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश कुमार टोप्पो ने बैठक में बताया कि जल संचय जन भागीदारी अभियान में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी हैं। उन्होंने बताया,कि सभी जिलों को निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के साथ उससे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

🟠जल संरक्षण मॉडल को और मजबूत करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा,कि जल संरक्षण के प्रयासों के स्थायी परिणाम तभी मिलेंगे, जब शासन के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित हो। जनभागीदारी की ताकत से छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के, अग्रणी राज्यों में स्थायी रूप से स्थापित करने की दिशा में काम किया जाना चाहिए।उन्होंने अधिकारियों को जल संचय जन भागीदारी अभियान के तहत सभी जिलों के नोटिफाइड नक्शे तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। अभियान की मुख्य सचिव स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की सतत मॉनिटरिंग हो और कमियां सामने आने पर उनका तत्काल निराकरण किया जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं।

🟠हर घर तक नल से स्वच्छ जल पहुंचाना लक्ष्य

मुख्यमंत्री साय ने बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा,कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना हैं।उन्होंने कहा,कि प्रदेश के प्रत्येक घर तक पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता हैं। जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को अब मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाए।

🟠कलेक्टर करें नियमित समीक्षा, बाधाओं का तत्काल हो समाधान

मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में, जल जीवन मिशन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा,कि जहां भी प्रशासनिक, तकनीकी अथवा क्रियान्वयन संबंधी बाधाएं सामने आ रही हैं, उनका तत्काल समाधान कर कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराया जाए।उन्होंने स्पष्ट किया,कि केवल अधोसंरचना का निर्माण ही लक्ष्य नहीं हैं,बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी हैं,कि योजनाओं का वास्तविक लाभ परिवारों तक पहुंचे और लोगों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल मिलता रहे।

🟠पूर्ण कार्यों के भुगतान में न हो देरी

मुख्यमंत्री साय ने जल जीवन मिशन के तहत पूर्ण हो चुके कार्यों के भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित मापदंड और गुणवत्ता के अनुरूप पूर्ण हो चुके कार्यों का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने कहा,कि जिला स्तर पर मिशन की नियमित समीक्षा करते हुए समीक्षा बैठक में सामने आई कमियों और समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। संबंधित विभागों और सभी पक्षों के बीच बेहतर समन्वय से शेष कार्यों को गति दी जाए।

🟠हर जिले की प्राथमिकता बने जल सुरक्षा

मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया,कि जल संरक्षण और हर घर तक नल से पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को,अपने-अपने जिलों की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं।उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों और जल उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने तथा जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

🟠भविष्य की पीढ़ियों के लिए मजबूत होगी जल सुरक्षा की नींव

मुख्यमंत्री साय ने कहा,कि जल संचय जन भागीदारी अभियान और जल जीवन मिशन सीधे आम नागरिकों के जीवन से जुड़े हैं। इनके प्रभावी क्रियान्वयन से वर्तमान में लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा मिलेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा की मजबूत नींव तैयार होगी।उन्होंने कहा,कि छत्तीसगढ़ के पास जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के सामने एक प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत करने का अवसर हैं।

इसके लिए शासन-प्रशासन के साथ जनभागीदारी को और मजबूत करते हुए प्रत्येक जिले को अपनी पूरी क्षमता से काम करना होगा।बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, जल संसाधन विभाग के सचिव आर. एस. टोप्पो, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव अब्दुल कैसर हक, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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