संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,10सितंबर2026
राजधानी रायपुर के जोरा मॉल स्थित सिनेमाघर में, गुरुवार को राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने, सपरिवार फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी। इस अवसर पर मंत्रिपरिषद के सदस्य और विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्ष भी मौजूद रहे।फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘हनुमान अंश’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की। उन्होंने कहा,कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा से समाज को परिचित कराने वाली, प्रेरणादायी फिल्मों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए।
🟠युवाओं को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा,कि फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने से प्रदेश के अधिकाधिक दर्शकों, विशेषकर युवाओं को, भारत की समृद्ध संत परंपरा और उससे जुड़े जीवन मूल्यों को जानने का अवसर मिलेगा।उन्होंने कहा,कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत पर आधारित फिल्में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कारों और मानवीय मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
🟠संत परंपरा ने हमेशा दिया सेवा और मानवता का संदेश
मुख्यमंत्री साय ने कहा,कि भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को सत्य, सेवा, करुणा, प्रेम और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाया हैं। संतों ने अपने जीवन और आचरण के माध्यम से मानवता तथा लोककल्याण का संदेश दिया हैं।उन्होंने कहा,कि नीम करौली बाबा का जीवन भी इसी महान संत परंपरा का प्रेरणादायी उदाहरण हैं। उनका जीवन यह संदेश देता हैं,कि मानव सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा हैं।
🟠नीम करौली बाबा के जीवन से मिलती है प्रेम और भक्ति की प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा,कि नीम करौली बाबा ने सरल जीवन और सहज शब्दों के माध्यम से प्रेम, सेवा और भक्ति का संदेश दिया। उनके विचारों में मानवता और सभी के प्रति समान भाव को सर्वोच्च स्थान प्राप्त था।उन्होंने कहा,कि उनका यह संदेश आज भी प्रासंगिक हैं,और समाज को सकारात्मक दिशा देने की क्षमता रखता हैं।
🟠सिनेमा मनोरंजन के साथ संस्कार और प्रेरणा का माध्यम
मुख्यमंत्री साय ने फिल्म के निर्माता,निर्देशक, कलाकारों और पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा,कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं,बल्कि समाज तक विचार, संस्कार और प्रेरणा पहुंचाने का प्रभावी माध्यम भी हैं।उन्होंने कहा,कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा पर आधारित सकारात्मक फिल्में नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और मानवीय मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
🟠सेवा,करुणा और सद्भाव को आगे बढ़ाने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा,कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति उसकी हजारों वर्षों पुरानी परंपराओं और जीवन मूल्यों में निहित हैं। सेवा, करुणा, सद्भाव और मानव कल्याण जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी हैं।उन्होंने कहा,कि ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्में इन मूल्यों को सरल और प्रभावी तरीके से समाज तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास हैं।
🟠नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित हैं, फिल्म
उल्लेखनीय हैं,कि फिल्म ‘हनुमान अंश’ नीम करौली बाबा के जीवन, उनकी आध्यात्मिक यात्रा तथा सेवा एवं भक्ति के संदेश पर आधारित हैं।फिल्म प्रदर्शन के दौरान मंत्रिपरिषद के सदस्यों, विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षों सहित अन्य गणमान्य नागरिकों की भी उपस्थिति रही।












