संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,4अक्टूबर2026
यूथ कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने कांग्रेस के, वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत के यूथ कांग्रेस चुनाव को लेकर दिए गए बयान पर तीखा पलटवार किया हैं।राहुल टिकरिहा ने आरोप लगाया,कि यूथ कांग्रेस के चुनाव ने कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी,खेमेबाजी और आपसी विवाद को सार्वजनिक कर दिया हैं। उन्होंने कहा,कि कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेताओं की ओर से चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाया जाना इस बात का संकेत हैं,कि पार्टी के भीतर संगठनात्मक स्तर पर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा हैं।
🟠अमरजीत भगत के बयान को बताया “खुली स्वीकारोक्ति”
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने अमरजीत भगत के उस बयान पर निशाना साधा,जिसमें उन्होंने यूथ कांग्रेस के चुनावों को लेकर कहा था,कि ऐसे चुनाव पार्टी को मजबूत करने के बजाय अंदर से कमजोर कर रहे हैं।टिकरिहा ने कहा कि यदि कांग्रेस का एक वरिष्ठ नेता खुद यह कह रहा हैं,कि संगठनात्मक चुनाव पार्टी में कमजोरी और विवाद पैदा कर रहे हैं,तो यह कांग्रेस की आंतरिक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता हैं। उन्होंने इसे कांग्रेस की अंतर्कलह और संगठनात्मक कमजोरी की खुली स्वीकारोक्ति बताया।उनका आरोप हैं,कि चुनाव को लेकर शुरू हुआ विवाद केवल संगठन के शीर्ष स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कार्यकर्ताओं और स्थानीय स्तर तक भी इसका असर दिखाई दे रहा हैं।
🟠“पदों के लिए आपस में भिड़ रहे कार्यकर्ता”
राहुल टिकरिहा ने कहा,कि यूथ कांग्रेस के चुनावों के दौरान पदों को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच कथित तौर पर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले। उन्होंने इसे कांग्रेस के संगठनात्मक अनुशासन पर सवाल उठाने वाला घटनाक्रम बताया।टिकरिहा ने कहा कि जिस युवा संगठन को पार्टी की नई पीढ़ी तैयार करने और युवाओं की आवाज बनने की जिम्मेदारी दी जाती हैं, अगर उसी संगठन में पदों को लेकर आपसी विवाद सामने आए, तो यह पार्टी के लिए चिंता का विषय हैं।उन्होंने सवाल उठाया,कि “जो पार्टी अपने युवा संगठन को एकजुट नहीं रख सकती, वह युवाओं का नेतृत्व करने का दावा कैसे कर सकती हैं?”
🟠अमरजीत भगत के बेटे के नामांकन पर भी उठाया सवाल
राहुल टिकरिहा ने अपने बयान में यूथ कांग्रेस चुनाव में अमरजीत भगत के बेटे के नामांकन का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया,कि उनके बेटे ने चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था,लेकिन निर्धारित आयु सीमा से अधिक होने के कारण नामांकन रद्द कर दिया गया।इसी घटनाक्रम को लेकर टिकरिहा ने सवाल उठाया,कि क्या अमरजीत भगत की चुनाव प्रक्रिया पर नाराजगी का संबंध इस घटनाक्रम से भी हो सकता हैं। हालांकि,यह राहुल टिकरिहा द्वारा उठाया गया राजनीतिक सवाल हैं,और इस संबंध में अमरजीत भगत की ओर से इस बयान में कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हैं।
🟠“कांग्रेस का लोकतंत्र का दावा बेनकाब”
टिकरिहा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा,कि पार्टी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बात करती हैं,लेकिन संगठनात्मक चुनावों को लेकर सामने आ रहे विवाद उसके दावों पर सवाल खड़े करते हैं।उन्होंने आरोप लगाया,कि चुनाव के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ने के बजाय कांग्रेस के भीतर आपसी प्रतिस्पर्धा और गुटबाजी बढ़ रही हैं। उनके मुताबिक, पार्टी को चुनावी प्रक्रिया के साथ-साथ संगठन में अनुशासन और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय पर भी ध्यान देना चाहिए।
🟠युवा नेतृत्व को लेकर भी उठाया सवाल
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने कहा,कि किसी भी राजनीतिक दल के लिए युवा संगठन भविष्य के नेतृत्व की महत्वपूर्ण कड़ी होता हैं। ऐसे में युवा कार्यकर्ताओं के बीच एकजुटता और संगठनात्मक अनुशासन जरूरी हैं।उन्होंने कहा,कि कांग्रेस को पहले अपने युवा संगठन से जुड़े विवादों और आंतरिक मतभेदों को सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए, उसके बाद ही वह प्रदेश के युवाओं के नेतृत्व और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों पर बात करे।
🟠राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ी गर्मी
यूथ कांग्रेस चुनाव को लेकर अमरजीत भगत के बयान और उस पर राहुल टिकरिहा की प्रतिक्रिया ने प्रदेश की सियासत में नया राजनीतिक मुद्दा खड़ा कर दिया हैं। एक ओर जहां कांग्रेस के भीतर से चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए जाने की बात सामने आई हैं,वहीं भाजपा ने इसे कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी से जोड़कर निशाना साधा हैं।अब इस मुद्दे पर कांग्रेस और अमरजीत भगत की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल, राहुल टिकरिहा ने यूथ कांग्रेस चुनाव को कांग्रेस की कथित गुटबाजी और आंतरिक कलह का आईना बताते हुए पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला किया हैं।












