अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,8अक्टूबर2026
जिले के विकास को नई गति देने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने गुरुवार को 157 करोड़ 4 लाख रुपये की लागत के कुल 191 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। खेल मैदान आरागाही-ताम्बेश्वरनगर में आयोजित समारोह की अध्यक्षता कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने की। कार्यक्रम में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।समारोह के दौरान 126 करोड़ 4 लाख रुपये की लागत के 171 पूर्ण विकास कार्य जनता को समर्पित किए गए, जबकि 30 करोड़ 99 लाख रुपये के 20 नए कार्यों की आधारशिला रखी गई। पेयजल, पुल-सड़क, कृषि, शिक्षा और नगरीय सुविधाओं से जुड़े इन कार्यों से विशेष रूप से जिले के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद हैं।
🟠पेयजल क्षेत्र में 66 करोड़ से अधिक की योजनाएं
कार्यक्रम में जिले के लोगों के लिए सबसे बड़ी सौगात पेयजल के क्षेत्र में मिली। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की 66 करोड़ 93 लाख रुपये की लागत वाली 35 जल, प्रदाय योजनाओं का लोकार्पण किया गया।ये योजनाएं जिले के सभी छह विकासखंडों के विभिन्न गांवों से जुड़ी हैं। इनके माध्यम से ग्रामीण परिवारों को घर के नजदीक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी। नियमित नल जल सुविधा मिलने से ग्रामीण महिलाओं को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम भी कम होगा।दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा का विस्तार केवल पानी की उपलब्धता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इससे स्वास्थ्य, स्वच्छता और परिवारों की दैनिक जीवनचर्या पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता हैं।
🟠चार बड़े पुलों से बरसात में टूटने वाला संपर्क होगा मजबूत
जिले में आवागमन और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 24 करोड़ 41 लाख रुपये की लागत से निर्मित चार उच्चस्तरीय पुलों का लोकार्पण किया गया।इनमें डीपाडीहकला-करमी उरांवटोली मार्ग पर गलफुल्ला नदी पर बना पुल प्रमुख हैं,जिसकी लागत 12 करोड़ 3 लाख रुपये हैं। इसके अलावा देवरी-मदगुरी, सुन्दरपुर-चौराखाड़ और अंबिकापुर-धनवार-वाराणसी मार्ग पर निर्मित पुल भी जनता को समर्पित किए गए।इन पुलों का महत्व विशेष रूप से उन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हैं,जहां बरसात के मौसम में नदी-नालों में पानी बढ़ने से आवागमन प्रभावित होता हैं। पुलों के निर्माण से ऐसे गांवों को सालभर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और जिला मुख्यालय, अस्पताल, स्कूल तथा बाजारों तक पहुंच आसान होगी।
🟠चार और पुलों की रखी गई आधारशिला
कार्यक्रम में 18 करोड़ 31 लाख रुपये की लागत से चार नए उच्चस्तरीय पुलों के निर्माण का भूमिपूजन भी किया गया। ये पुल इरिया, मोरन, सिंदूर और बांकी नदियों पर बनाए जाएंगे।इन नए पुलों के निर्माण से नदी और नालों से प्रभावित ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलने की उम्मीद हैं। इस तरह लोकार्पित और भूमिपूजित परियोजनाओं को मिलाकर कुल आठ पुलों से जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में बारहमासी आवागमन का आधार मजबूत होगा।
🟠किसानों के लिए 33 करोड़ के 130 विकास कार्य
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषि विपणन बोर्ड के 33 करोड़ 1 लाख रुपये की लागत वाले 130 कार्यों का लोकार्पण किया गया।इनमें महावीरगंज में 5,400 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम भी शामिल हैं। गोदाम के माध्यम से किसानों को अपनी कृषि उपज के सुरक्षित भंडारण के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। इससे किसानों को उपज के रखरखाव और बाजार से जुड़ी गतिविधियों में सुविधा मिलने की उम्मीद हैं।इसके अलावा महावीरगंज, कनकपुर, मानिकपुर, चम्पापुर, तातापानी, भैरोपुर चमनपुर और करचलगली में नीलामी चबूतरे, सीसी सड़क और शौचालय सहित हाट बाजारों का विकास किया गया हैं।बलरामपुर और रामचन्द्रपुर विकासखंड में 100 से अधिक स्थानों पर सीसी सड़कें और पुलिया भी बनाई गई हैं। इन कार्यों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय अधोसंरचना और बाजारों तक पहुंच को बेहतर बनाना हैं।
🟠शिक्षा और नगरीय सुविधाओं पर भी जोर
विकास कार्यों की इस श्रृंखला में शिक्षा और शहरी सुविधाओं को भी शामिल किया गया हैं। अमरावतीपुर में हाईस्कूल भवन तथा नगर पालिका बलरामपुर में 23 व्यावसायिक दुकानों का लोकार्पण किया गया।वहीं राजपुर में 1 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन और 4 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से चार किलोमीटर सड़क निर्माण का भूमिपूजन किया गया।शिक्षा से जुड़ी अधोसंरचना के विकास से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी, जबकि सड़क निर्माण से संबंधित क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद हैं।
🟠बलरामपुर नगर में सीवरेज और मुक्तिधाम का निर्माण
नगरीय विकास के क्षेत्र में बलरामपुर नगर को भी महत्वपूर्ण सौगात मिली हैं। नगर में 4 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और मुक्तिधाम का निर्माण किया जाएगा।सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी अधोसंरचना का उद्देश्य शहर में अपशिष्ट जल के बेहतर प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना हैं। वहीं मुक्तिधाम के निर्माण से नागरिकों को आवश्यक नगरीय सुविधा उपलब्ध होगी।
🟠दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने पर जोर
बलरामपुर जैसे भौगोलिक रूप से विस्तृत जिले में सड़क, पुल, पेयजल और ग्रामीण बाजार जैसी बुनियादी सुविधाओं का सीधा संबंध लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से हैं। ऐसे में इन 191 विकास कार्यों का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की अधोसंरचना से जुड़ा हैं।पेयजल योजनाओं से घरों तक पानी पहुंचाने, पुलों से बरसात में संपर्क बनाए रखने, कृषि विपणन अधोसंरचना से किसानों को सुविधा देने और स्कूल-सड़क जैसी परियोजनाओं से शिक्षा व आवागमन बेहतर करने का प्रयास किया गया हैं।इन परियोजनाओं के पूर्ण क्रियान्वयन और नियमित निगरानी से जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं को और मजबूत किया जा सकेगा।












