संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,8अक्टूबर2026
छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में,महतारी वंदन योजना ने एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा किया हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान योजना की 32वीं किस्त जारी की। इसके तहत प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से ₹632 करोड़ 40 लाख 4 हजार 250 की राशि अंतरित की गई। इसके साथ ही योजना के तहत अब तक दी गई आर्थिक सहायता की कुल राशि ₹20,708 करोड़ से अधिक हो गई हैं।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले के विकास के लिए ₹218.48 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात भी दी। इनमें सड़क, सिंचाई, शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, नर्सिंग शिक्षा और विद्युत अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं। इस दौरान 23 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया, जबकि आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया गया।
🟠आर्थिक स्वावलंबन का आधार बनी महतारी वंदन योजना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उनका कहना हैं,कि जब परिवार की महिला आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं,तो उसका प्रभाव परिवार की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े निर्णयों पर भी पड़ता हैं।उन्होंने कहा,कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही हैं,जिससे उन्हें अपनी और परिवार की जरूरतों के लिए आर्थिक निर्णय लेने में अधिक आत्मविश्वास मिलता हैं।मुख्यमंत्री ने कहा, कि योजना की राशि का उपयोग महिलाएं अपनी आवश्यकताओं के साथ बच्चों की पढ़ाई, पोषण, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों में भी कर रही हैं। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन को मजबूत करना हैं।
🟠32वीं किस्त के साथ ₹20,708 करोड़ से अधिक की सहायता
महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से प्रभावी हैं। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से दी जाती हैं।सितंबर 2026 तक योजना के तहत 31 किस्तों में ₹20,075 करोड़ 76 लाख की सहायता प्रदान की जा चुकी थी। अब 32वीं किस्त में 67,38,217 महिलाओं को ₹632.40 करोड़ से अधिक की राशि मिलने के बाद योजना के तहत दी गई कुल सहायता ₹20,708 करोड़ से अधिक हो गई हैं।डीबीटी व्यवस्था के जरिए राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचने से भुगतान प्रक्रिया में, पारदर्शिता बनी रहती हैं,और महिलाओं को आर्थिक सहायता पर सीधा अधिकार मिलता हैं।
🟠दुर्ग की 3.89 लाख से ज्यादा महिलाओं को ₹37.19 करोड़
32वीं किस्त का लाभ दुर्ग जिले की 3 लाख 89 हजार 507 पात्र महिलाओं को भी मिला। मुख्यमंत्री साय ने जिले की महिलाओं के बैंक खातों में कुल ₹37 करोड़ 19 लाख 10 हजार 250 की राशि अंतरित की।नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं को घरेलू जरूरतों के साथ व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही हैं। योजना के माध्यम से महिलाओं की परिवार की आर्थिक व्यवस्था में भूमिका और मजबूत होने का दावा किया गया हैं।
🟠दुर्ग को ₹218.48 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले के लिए कुल ₹218 करोड़ 48 लाख 29 हजार के विकास कार्यों की सौगात दी।इनमें ₹1 करोड़ 22 लाख 56 हजार की लागत से पूर्ण हुए आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया गया। वहीं ₹217 करोड़ 25 लाख 73 हजार की लागत के 23 निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया।इन परियोजनाओं में सड़क संपर्क, सिंचाई, शिक्षा, कौशल विकास, चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा तथा विद्युत अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं।
🟠सड़क परियोजनाओं से बेहतर होगी कनेक्टिविटी
लोक निर्माण विभाग के तहत दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में,पुलगांव पुल मुख्य मार्ग से अंजोरा-रसमड़ा पहुंच राज्य मार्ग क्रमांक-22 के करीब पांच किलोमीटर हिस्से को चार लेन बनाने के लिए ₹30.20 करोड़ की लागत से कार्य किया जाएगा।अहिवारा विधानसभा क्षेत्र में कुम्हारी-अहिवारा-पथरिया राज्य मार्ग क्रमांक-21 के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए ₹24.06 करोड़ और जेवरा सिरसा से भटगांव तक 3.60 किलोमीटर सड़क के लिए ₹4.28 करोड़ के कार्य की आधारशिला रखी गई।पाटन विधानसभा क्षेत्र में भिलाई-सिरसा-औंधी-औरी-मोतीपुर मार्ग के 15.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण पर ₹15.03 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा भिलाई से तर्रा मुख्य जिला मार्ग के 15 किलोमीटर हिस्से के मजबूतीकरण के लिए ₹8.33 करोड़ तथा पौहा से खपरी तक 2.20 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए ₹3.97 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।अहिवारा एवं वैशाली नगर क्षेत्र में चंदूलाल चंद्राकर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से जुनवानी-कोहका-कुरूद मुख्य मार्ग के 2.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण पर ₹7.06 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
🟠युवाओं के कौशल विकास पर भी जोर
आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य के लोकार्पण के साथ युवाओं के तकनीकी प्रशिक्षण को भी विकास एजेंडे में प्रमुखता दी गई। यह कार्य सिडबी क्लस्टर डेवलपमेंट फंड से वित्तपोषित हैं,और इसकी लागत ₹1.22 करोड़ से अधिक हैं।शासकीय पॉलिटेक्निक दुर्ग में ₹8.86 करोड़ की लागत से ऑफिस ब्लॉक नवीनीकरण, सीसी रोड, दिव्यांगजनों के लिए प्रसाधन और सिविल विंग विस्तार सहित विभिन्न कार्य किए जाएंगे।दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में ₹4.11 करोड़ की लागत से लाइवलीहुड कॉलेज भवन का निर्माण किया जाएगा। इससे रोजगारपरक प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए अधोसंरचना उपलब्ध होगी।
🟠सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को मिलेगा लाभ
जल संसाधन विभाग के तहत सिंचाई और जल प्रबंधन से जुड़े कई कार्यों की शुरुआत की गई हैं। पाटन क्षेत्र में सुरपा व्यपवर्तन योजना के जीर्णोद्धार तथा नहर प्रणाली की रीमॉडलिंग एवं लाइनिंग के लिए ₹2.23 करोड़ का कार्य होगा।अहिवारा क्षेत्र में मोहंदी जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग पर ₹4.96 करोड़, कपसदा जलाशय पर, ₹4.57 करोड़ और नंदौरी जलाशय पर ₹4.77 करोड़ खर्च किए जाएंगे।दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में तिरगा और गनियारी जलाशयों के जीर्णोद्धार पर प्रत्येक के लिए ₹4.71 करोड़ तथा रिसाली-उमरपोटी जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग पर ₹4.97 करोड़ का प्रावधान हैं।दुर्ग नगर निगम क्षेत्र के तालाबों में निस्तारी जल भरने के लिए कोटनी माइनर चैनल का निर्माण ₹4.93 करोड़ की लागत से किया जाएगा।
🟠चिकित्सा और नर्सिंग शिक्षा को मिलेगी नई अधोसंरचना
दुर्ग में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा की सुविधाओं के विस्तार के लिए भी कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए ₹16.16 करोड़ की लागत से छात्रावास निर्माण का भूमिपूजन किया गया।वहीं जिला चिकित्सालय दुर्ग स्थित शासकीय जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण के लिए ₹11.96 करोड़ के कार्य की आधारशिला रखी गई। इन कार्यों से चिकित्सा एवं नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए बेहतर अधोसंरचना विकसित करने में मदद मिलेगी।
🟠बिजली व्यवस्था को मजबूत करने पर भी फोकस
पाटन विधानसभा क्षेत्र में विद्युत अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए तीन महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की गईं।इनमें ₹25.83 करोड़ की लागत से 132/33 केवी उपकेंद्र जामगांव (आर) का निर्माण और ₹14 करोड़ की लागत से 132 केवी पाटन-जामगांव (आर) अति उच्च दाब ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण शामिल हैं।इसके अतिरिक्त 220/132 केवी उपकेंद्र पाटन में ₹2.50 करोड़ की लागत से दो अतिरिक्त 132 केवी बे का निर्माण किया जाएगा। इन परियोजनाओं से क्षेत्र की ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाने और विद्युत आपूर्ति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
🟠मातृशक्ति और विकास दोनों पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा,कि राज्य सरकार का विकास मॉडल जनकल्याण और मजबूत अधोसंरचना के साथ आगे बढ़ रहा हैं। एक ओर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से सहायता दी जा रही हैं,वहीं दूसरी ओर सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा हैं।उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, युवाओं के लिए कौशल और रोजगार के अवसर बढ़ाने, किसानों के लिए सिंचाई सुविधाएं मजबूत करने और अधोसंरचना को बेहतर बनाने से प्रदेश के विकास को गति मिलेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सशक्त मातृशक्ति ही सशक्त परिवार और समृद्ध समाज की मजबूत नींव हैं। सरकार का प्रयास हैं,कि विकास का लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और छत्तीसगढ़ को विकास की नई दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।












