संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,11अक्टूबर2026
छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों के संरक्षण,घायल वन्यप्राणियों के उपचार और वनांचल में रहने वाले,ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में शनिवार को नवा रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में, राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की पहली बैठक आयोजित हुई। बैठक में अंबिकापुर के संजय पार्क में आधुनिक वन्यजीव ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित करने, संरक्षित वन क्षेत्रों की 18 ग्रामीण सड़कों के उन्नयन की अनुशंसा करने और गोमर्डा अभयारण्य में 50 काले हिरण स्थानांतरित करने सहित कई प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए।बैठक में वन्यजीव संरक्षण के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने, ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने और वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले समुदायों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
🟠अंबिकापुर के संजय पार्क में बनेगा आधुनिक उपचार केंद्र
अंबिकापुर के संजय पार्क में प्रस्तावित ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर घायल वन्यप्राणियों के बचाव और उपचार के लिए महत्वपूर्ण सुविधा बनेगा। मानव-वन्यजीव संघर्ष या सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले वन्यप्राणियों को यहां त्वरित रूप से लाकर प्राथमिक उपचार और अल्पकालिक देखरेख उपलब्ध कराई जा सकेगी।वन क्षेत्रों में घायल वन्यजीवों को समय पर उपचार मिलना उनके जीवन की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे केंद्र से वन विभाग को बचाव अभियान के दौरान घायल पशुओं की देखभाल करने में सहायता मिलने की उम्मीद हैं।वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा,कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण के साथ वनांचल के ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम, घायल वन्यप्राणियों के त्वरित उपचार और वन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा हैं।
🟠18 ग्रामीण सड़कों के उन्नयन की अनुशंसा
बैठक में संरक्षित वन क्षेत्रों में स्थित 18 ग्रामीण सड़कों के, उन्नयन संबंधी प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने की अनुशंसा की गई। इन सड़कों में भोरमदेव अभयारण्य क्षेत्र की तीन, इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र की 14 और जशपुर जिले के बादलखोल अभयारण्य क्षेत्र की एक सड़क शामिल हैं।इन प्रस्तावों को प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत आगे बढ़ाने की बात कही गई हैं।सड़कों के उन्नयन से वनांचल के दूरस्थ गांवों और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की बस्तियों तक पहुंच आसान हो सकेगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और आपातकालीन सेवाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद हैं। बैगा सहित अन्य विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदायों के लिए बेहतर सड़क संपर्क महत्वपूर्ण साबित हो सकता हैं।हालांकि, बैठक में इन सड़कों के उन्नयन की अनुशंसा की गई हैं। इनके निर्माण या उन्नयन की अंतिम स्वीकृति और कार्य शुरू होने की समयसीमा संबंधित प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।
🟠गोमर्डा अभयारण्य में स्थानांतरित होंगे 50 काले हिरण
वन्यजीव संरक्षण से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में, गोमर्डा अभयारण्य में 50 काले हिरण स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। बारनवापारा अभयारण्य में काले हिरणों के संरक्षण के अनुभव के बाद अब गोमर्डा में, भी इनके संरक्षण को आगे बढ़ाने की योजना हैं।काले हिरण वन्यजीव विविधता के लिहाज से महत्वपूर्ण प्रजाति हैं। इनके संरक्षण और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग की योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रस्तावित स्थानांतरण के दौरान संबंधित वन क्षेत्रों की परिस्थितियों और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखना आवश्यक होगा।इस निर्णय का उद्देश्य राज्य में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को मजबूत करना और अभयारण्यों में वन्यजीवों के संरक्षण को बढ़ावा देना हैं।
🟠‘ऑरेंज ओकलीफ’ को राजकीय तितली घोषित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी
बैठक में जनभागीदारी के आधार पर चयनित ‘ऑरेंज ओकलीफ’ तितली को छत्तीसगढ़ की पहली राजकीय तितली घोषित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। समिति ने प्रस्ताव का परीक्षण पूरा कर आगे की कार्यवाही करने की मंजूरी दी।राजकीय तितली की पहचान से राज्य की जैव विविधता के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने और तितलियों सहित अन्य छोटे जीवों के संरक्षण को प्रोत्साहन देने में मदद मिल सकती हैं।यह निर्णय राज्य की प्राकृतिक विरासत को पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा हैं। हालांकि,उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रस्ताव पर आगे की प्रक्रिया को मंजूरी मिली हैं,इसे औपचारिक रूप से राजकीय तितली घोषित किए जाने की अंतिम अधिसूचना अलग प्रक्रिया के बाद जारी होगी।
🟠हाथियों से फसल क्षति के मुआवजे पर भी विचार
समिति ने हाथियों और अन्य वन्यजीवों के कारण होने वाली फसल क्षति के मुआवजे की दरों को अद्यतन करने के प्रस्ताव पर आगे विचार करने का निर्णय लिया। इसके लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिलावार और फसलवार निर्धारित बीमित राशि को आधार बनाने का प्रस्ताव रखा गया हैं।वन्यजीवों से फसलों को नुकसान होने पर प्रभावित किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। मुआवजे की दरों की समीक्षा से संबंधित व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक बनाने की संभावना पर विचार किया जा सकेगा। इस संबंध में अंतिम निर्णय आगे की प्रक्रिया के बाद लिया जाएगा।
🟠हाथी प्रभावित क्षेत्रों में पक्के मकानों के प्रस्ताव पर चर्चा
बैठक में हाथी प्रभावित क्षेत्रों में कच्चे मकानों को पक्का करने के लिए विशेष मुख्यमंत्री आवास योजना शुरू करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। समिति ने इस प्रस्ताव को उच्चस्तरीय बैठक में विचारार्थ रखने के निर्देश दिए।हाथी प्रभावित गांवों में ग्रामीणों की सुरक्षा और आवास संबंधी समस्याएं महत्वपूर्ण विषय हैं। ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने से परिवारों को राहत मिल सकती हैं। फिलहाल यह प्रस्ताव विचार के अगले चरण में रखा गया हैं।
🟠बैठक में जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की बैठक में विधायक धर्मजीत सिंह, गोमती साय और चैतराम अटामी उपस्थित रहे। इसके अलावा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक ओ.पी. यादव सहित समिति के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।बैठक में लिए गए निर्णयों का केंद्र वन्यजीवों की सुरक्षा, मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी और वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की सुविधाओं का विस्तार रहा। प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई पूरी होने के बाद इनके जमीनी स्तर पर प्रभाव दिखाई देने की उम्मीद हैं।












