मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति और एकजुटता का महापर्व : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

संदिली सिंह,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,14जनवरी2026/ विशेष रिपोर्ट-Nexis News

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर,छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में आयोजित तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव ने आस्था, संस्कृति और विकास का भव्य संगम प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महोत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा,कि “मकर संक्रांति केवल पर्व नहीं,बल्कि भारतीय संस्कृति, सामाजिक एकता और समृद्धि का प्रतीक हैं।”मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति, लोहड़ी और पोंगल की शुभकामनाएँ देते हुए,तातापानी महोत्सव के लिए हर वर्ष ₹25 लाख की स्थायी सहायता राशि देने की घोषणा की। उन्होंने तपेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।

🟠667 करोड़ के विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने,बलरामपुर जिले के लिए 655 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर जिले को विकास की नई रफ्तार दी।

🔸️साथ ही उन्होंने शासकीय महिला कर्मचारियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल

🔸️डाइट संचालन भवन

🔸️जिला पंजीयन कार्यालय भवन निर्माण की घोषणा कर प्रशासनिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया।

🟠दो साल, जनविश्वास और जनकल्याण का संकल्प

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा,कि सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर यह गर्व की बात हैं,कि जनता से किए गए वादे ज़मीन पर उतर रहे हैं।

🔸️प्रधानमंत्री आवास योजना से हर पात्र को पक्का घर

🔸️70 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना से आर्थिक संबल

🔸️5 लाख भूमिहीन किसानों को ₹10,000 की सहायता

🔸️40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम दर्शन

🟠पतंगों के संग खुशियों ने भरी उड़ान

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 60 फीट ऊँची भगवान शिव की भव्य प्रतिमा के समीप स्कूली बच्चों के साथ पतंग उड़ाकर मकर संक्रांति का उत्सव मनाया। बच्चों की मुस्कान और उत्साह ने पर्व को यादगार बना दिया।

🟠200 नवदंपत्तियों को मिला मुख्यमंत्री का आशीर्वाद

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत विवाह बंधन में बंधे 200 जोड़ों को मुख्यमंत्री ने आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल, सुखद भविष्य की कामना की।परंपरा को सम्मान, शिल्पकारों को आत्मबल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं कुम्हार चाक घुमाकर माटीकला और ग्रामीण हस्तशिल्प को सम्मान दिया। यह दृश्य परंपरा से जुड़ाव और आत्मनिर्भर भारत की भावना को दर्शाता हैं।

🟠विकास की जीवंत तस्वीर बनी प्रदर्शनी

कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी में जनजातीय व्यंजन, डिजिटल सेवाएँ, साइबर जागरूकता, सड़क सुरक्षा और ‘कबाड़ से जुगाड़’ जैसे नवाचारों ने छत्तीसगढ़ की प्रगतिशील सोच को सशक्त रूप में प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद चिंतामणि महाराज, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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