न्यूज डेस्क,अंबिकापुर,छत्तीसगढ़,13जून2026
सरगुजा जिले के ऐतिहासिक रामगढ़ क्षेत्र में हसदेव अरण्य, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर कांग्रेस द्वारा एक दिवसीय परिचर्चा का आयोजन किया गया। रामगढ़ पहाड़ी के नीचे बने शेड में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।कार्यक्रम में प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता उपस्थित रहे। परिचर्चा के दौरान हसदेव अरण्य में पेड़ों की कटाई, खनन गतिविधियों और प्राकृतिक संसाधनों के बढ़ते दोहन को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
वक्ताओं ने कहा,कि हसदेव अरण्य केवल जंगल नहीं बल्कि लाखों लोगों की आजीविका, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन का आधार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अनियंत्रित खनन और औद्योगिक गतिविधियों से क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंच रहा हैं।परिचर्चा में रामगढ़ की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक पहाड़ी को हो रहे नुकसान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह क्षेत्र प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर है और इसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार और अदानी समूह की नीतियों पर भी तीखा हमला बोला। नेताओं ने आरोप लगाया,कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की बजाय उनका दोहन बढ़ावा दिया जा रहा हैं, जिससे पर्यावरण और स्थानीय समुदाय दोनों प्रभावित हो रहे हैं।परिचर्चा में मौजूद ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने प्राकृतिक संपदा के संरक्षण, जंगलों की सुरक्षा और अनियंत्रित दोहन पर रोक लगाने की मांग को लेकर एकजुटता दिखाई। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान भी किया गया।रामगढ़ में आयोजित इस परिचर्चा के बाद हसदेव अरण्य और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में आ गया हैं।












