अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,22अगस्त2026
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने विकासखंड रामचंद्रपुर के महावीरगंज स्थित मिल्क चिलिंग सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दूध के संग्रहण, गुणवत्ता परीक्षण, शीतलीकरण और आगे भेजने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। कलेक्टर ने दुग्ध व्यवसाय को ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय का बेहतर माध्यम बनाने पर जोर दिया।
🟠दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा
कलेक्टर ने मिल्क चिलिंग सेंटर से जुड़े पशुपालकों और दुधारू गायों की संख्या की जानकारी ली। उन्होंने क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की संभावनाओं पर समिति के सदस्यों के साथ चर्चा की।उन्होंने कहा,कि स्थानीय संसाधनों और पशुपालकों की सहभागिता से दुग्ध व्यवसाय को बड़े स्तर पर विकसित किया जा सकता हैं। इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
🟠महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़ने का सुझाव
कलेक्टर ने दुग्ध व्यवसाय से महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा,कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से दूध उत्पादन, संग्रहण और विपणन की गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता हैं।उन्होंने कहा,कि महिला समूहों को इस गतिविधि से जोड़ने से उन्हें स्थानीय स्तर पर नियमित आय का अवसर मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
🟠सेंटर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश
कलेक्टर ने मिल्क चिलिंग सेंटर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने तथा दुग्ध व्यवसाय को लाभकारी और टिकाऊ गतिविधि के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए।उन्होंने स्थानीय पशुपालकों और महिला समूहों को एक साथ जोड़कर सामूहिक रूप से काम करने पर जोर दिया, ताकि दुग्ध उत्पादन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित हो सकें।निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया, एसडीएम आनंद राम नेताम, उप संचालक पशुपालन एस.एस. सेंगर, तहसीलदार मनोज पैंकरा सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।












