बहनों की आत्मनिर्भरता और चेहरे की मुस्कान ही हमारी सबसे बड़ी खुशी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,25अगस्त2026

रक्षाबंधन से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश की,माताओं-बहनों को बड़ी सौगात दी। बालोद जिले के डौंडीलोहारा में आयोजित महतारी वंदन सम्मान समारोह में,मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 67 लाख 28 हजार 918 महिलाओं के बैंक खातों में योजना की 31वीं किस्त के रूप में ₹631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 की राशि अंतरित की।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश की महिलाओं को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई देते हुए कहा,कि माताओं-बहनों के चेहरे पर मुस्कान, उनका आत्मविश्वास और उनका आशीर्वाद सरकार की सबसे बड़ी ताकत हैं।

🟠रक्षाबंधन से पहले ‘विष्णु भैया’ का उपहार

डौंडीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में, आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा,कि रक्षाबंधन को ध्यान में रखते हुए सितंबर माह की किस्त भी 25 अगस्त को ही महिलाओं के खातों में पहुंचाने का निर्णय लिया गया हैं,ताकि बहनें त्योहार की खुशियां और उत्साह के साथ मना सकें।उन्होंने कहा,कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता देने की योजना नहीं हैं,बल्कि इससे महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई हैं। महिलाएं इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य, पोषण, बच्चों की शिक्षा, बचत और छोटे व्यवसाय जैसी जरूरतों में कर रही हैं।मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले ढाई वर्षों में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों के खातों में करीब ₹20 हजार करोड़ की राशि अंतरित की जा चुकी हैं।🟠महिलाओं ने साझा की आत्मनिर्भरता की कहानी

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की पांच हितग्राही महिलाओं से सीधे संवाद किया। महिलाओं ने योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से अपने जीवन में आए बदलावों और आर्थिक फैसले लेने में बढ़े आत्मविश्वास के अनुभव साझा किए।मुख्यमंत्री ने कहा,कि जब कोई महिला योजना की राशि से परिवार का भविष्य सुरक्षित करती हैं,बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करती हैं या स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ती हैं, तभी योजना का वास्तविक उद्देश्य पूरा होता हैं।

🟠13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी

मुख्यमंत्री ने कहा,कि महिला आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रदेश में विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में अब तक लक्ष्य से अधिक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज विभिन्न आजीविका गतिविधियों और व्यवसायों के जरिए आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं।उन्होंने ड्रोन दीदी पहल का उल्लेख करते हुए कहा,कि महिलाएं आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर कृषि कार्यों में सेवाएं दे रही हैं और इससे आय भी अर्जित कर रही हैं।

🟠बालोद को मिली करीब ₹102 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

महतारी वंदन सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने बालोद जिले को करीब ₹102 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।उन्होंने डौंडीलोहारा नगर पंचायत में सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा खरखरा जलाशय में लिफ्ट इरिगेशन, पूरक नहर के जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण तथा धनगांव जलाशय के नहर रिमॉडलिंग और लाइनिंग कार्य की भी घोषणा की।डौंडीलोहारा में मस्जिद चौक से शास्त्री नगर मार्ग पर ₹5 करोड़ की लागत से पुलिया और विकासखंड में करीब ₹19 करोड़ की लागत से संबलपुर-भीमकन्हार-मुड़िया मार्ग निर्माण की घोषणा भी की गई।🟠विकास कार्यों को मिली गति

समारोह में उमरादाह-निपानी मार्ग, अर्जुंदा-ओड़ारसकरी मार्ग और बालोद-पिकरीपार मार्ग सहित कई विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया। इन कार्यों से क्षेत्र में सड़क और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद हैं।

🟠विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महिलाओं की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा,कि महिला सशक्तिकरण, किसानों की समृद्धि, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, जनजातीय क्षेत्रों का विकास और गरीब परिवारों की खुशहाली विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव हैं।उन्होंने कहा,कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश की हर माता-बहन को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करना हैं। महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवार और समाज दोनों मजबूत होंगे।कार्यक्रम में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग, पूर्व सांसद सरोज पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाएं और नागरिक मौजूद रहे।

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