त्रिकुंडा जलाशय हादसा : 36 घंटे बाद बुजुर्ग का शव बरामद, पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह ने की FIR और 1 करोड़ मुआवजे की मांग

अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,27अगस्त2026

बलरामपुर जिले के त्रिकुंडा जलाशय में हादसे के करीब,36 घंटे बाद बुजुर्ग का शव बरामद कर लिया गया। एनडीआरएफ और स्थानीय रेस्क्यू टीम ने कई घंटों की मशक्कत के बाद शव को जलाशय से बाहर निकाला। शव मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हैं।बताया जा रहा हैं,कि जल संसाधन विभाग के कार्य में बुजुर्ग को बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के स्लूज गेट के तेज बहाव वाले हिस्से में उतारा गया था। इसी दौरान वह तेज बहाव में बह गए। हादसे के बाद से ही एनडीआरएफ और स्थानीय टीम द्वारा लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा था।

🟠विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल

हादसे के बाद जल संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जल संसाधन संभाग क्रमांक-02 रामानुजगंज के अधिकारियों की भूमिका को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी हैं। ग्रामीणों का आरोप हैं,कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ।इसी बीच जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता एन.पी. डहरिया के कथित बयान को लेकर भी लोगों में आक्रोश हैं। बताया जा रहा हैं,कि अधिकारी ने हादसे को लेकर व्यक्ति के नशे में होने की आशंका जताई थी। इस बयान को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए, जिम्मेदारी तय करने की मांग की हैं।

🟠पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह त्रिकुंडा जलाशय पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने घटना को गंभीर बताते हुए,जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।बृहस्पत सिंह ने शासन से पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने के साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और जिम्मेदार अधिकारी को तत्काल निलंबित करने की मांग की हैं।

🟠पहले भी हो चुके हैं हादसे

स्थानीय लोगों ने जल संसाधन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा,कि क्षेत्र में पहले भी गंभीर हादसे हो चुके हैं। लुत्ती बांध हादसे में पांच लोगों की मौत और चनान नदी में ऑपरेटर की मौत का मामला भी सामने आ चुका हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने का आरोप लगाया जा रहा हैं।त्रिकुंडा जलाशय की घटना के बाद क्षेत्र में नाराजगी का माहौल हैं। ग्रामीणों ने हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की हैं।

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