संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,29अगस्त2026
मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता,स्नेह और उल्लास के साथ मनाया गया। समाज के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं माताओं-बहनों ने,मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें स्नेह और आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा,कि उनका स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए अनमोल हैं,और प्रदेश की सेवा के संकल्प को और मजबूत करता हैं।मुख्यमंत्री साय ने कहा,कि रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व हैं। उन्होंने कहा,कि बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
🟠अलग-अलग क्षेत्रों की महिलाओं ने बांधी राखी
कार्यक्रम में स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की धर्मपत्नी सरला दुबे ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने इसे भावुक और गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा,कि स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे सेना में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के पहले जवान थे।इसके अलावा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सविता दीदी एवं स्मृति दीदी, पद्मश्री डॉ. उषा बारले, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित महिला पत्रकारों, स्व-सहायता समूहों की दीदियों, लखपति दीदियों, ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों, टीम प्रहरी, विभिन्न समाजों की महिलाओं और दिव्यांग बहनों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।
🟠जवानों के सम्मान में मनाया गया ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने रायपुर में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा,कि देश और प्रदेश की सुरक्षा में तैनात जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना रक्षाबंधन की भावना को और मजबूत करता हैं।उन्होंने बताया,कि स्व-सहायता समूहों की बहनों, दिव्यांग बहनों और शहीद जवानों के परिवारों की महिलाओं ने CRPF, BSF, CISF और ITBP सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के लगभग 1600 जवानों की कलाई पर राखी बांधी।
🟠महिला सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा,कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता हैं। महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68 लाख महिलाओं को,हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर योजना की 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि 25 अगस्त को महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की गई।उन्होंने कहा,कि योजना से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा हैं,और वे राशि का उपयोग घरेलू जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बचत तथा आजीविका से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं।
🟠13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा,कि प्रदेश को 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन छत्तीसगढ़ ने लक्ष्य से आगे बढ़कर पिछले दो वर्षों में 13 लाख 85 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया हैं।उन्होंने ड्रोन दीदियों का उदाहरण देते हुए कहा,कि गांव की महिलाएं आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर खेतों में उर्वरक और दवा का छिड़काव कर आय अर्जित कर रही हैं। वहीं ई-रिक्शा, सेटरिंग प्लेट और स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं भी आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं।मुख्यमंत्री ने बताया,कि नया रायपुर में 92 ई-रिक्शा दीदियां आत्मनिर्भरता की दिशा में काम कर रही हैं। जशपुर के बगिया में रक्षाबंधन के अवसर पर 50 बहनों को ई-रिक्शा प्रदान किए गए।
🟠महिला उद्यमियों को नई औद्योगिक नीति में प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा,कि महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और विकास प्रक्रिया का मजबूत भागीदार बनाया जा रहा हैं। महिलाओं के नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही हैं। पिछले ढाई वर्षों में करीब 30 हजार महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्रियां हुई हैं।उन्होंने बताया,कि नई औद्योगिक विकास नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष रियायतों और प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया हैं। प्रदेश को अब तक लगभग 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
🟠विकसित छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा,कि नक्सलवाद के प्रभाव वाले क्षेत्रों में अब शांति, विश्वास और विकास का नया वातावरण तैयार हो रहा हैं। सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार कर रही हैं।उन्होंने कहा,कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना मातृशक्ति के सशक्तिकरण के बिना पूरा नहीं हो सकता। सरकार का संकल्प हैं कि प्रदेश की हर माता-बहन को सम्मान और सुरक्षा मिले, वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें और अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त करें।मुख्यमंत्री साय ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा,कि बहनों का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद सरकार की शक्ति हैं। मातृशक्ति के सामर्थ्य से ही सशक्त परिवार, समृद्ध समाज और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।












