अबूझमाड़ में बदली फिजा,हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटीं महिलाओं ने DRG जवानों को बांधी राखी

डेनियल सेप्टी,बस्तर,छत्तीसगढ़,29अगस्त2026

बस्तर के अबूझमाड़ क्षेत्र में बदलाव और शांति की नई तस्वीर सामने आई हैं। कभी हिंसा और बंदूक की राह पर चलने वाली,लेकिन अब आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुकी महिला माओवादियों ने, रक्षाबंधन के अवसर पर नारायणपुर पुलिस के DRG परिसर में जवानों और पुलिस अधिकारियों की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधा।यह भावुक पल महज रक्षाबंधन मनाने तक सीमित नहीं रहा,बल्कि विश्वास,अपनत्व और शांति के नए रिश्ते का संदेश भी देता नजर आया। आत्मसमर्पित महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अक्षय साबद्रा,अजय कुमार और ऐश्वर्य चंद्राकर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को राखी बांधी।🟠बंदूक की राह से विश्वास की डोर तक

एक समय भय और संघर्ष के माहौल में जीवन बिताने वाली ये महिलाएं अब पुलिस परिवार के साथ आत्मीय माहौल में नजर आईं। रक्षाबंधन के इस अवसर ने उनके जीवन में आए बदलाव को भी सामने रखा।पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने कहा,कि रक्षाबंधन केवल प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का भी प्रतीक हैं। मुख्यधारा में लौटे लोगों को समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देना और उनके भीतर सुरक्षा की भावना मजबूत करना पुलिस और समाज दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी हैं।🟠अबूझमाड़ में शांति और विश्वास की नई उम्मीद

DRG परिसर में दिखाई दी आत्मीयता इस बदलाव की तस्वीर पेश करती नजर आई,कि हिंसा की राह से कहीं अधिक प्रभावी संवाद,विश्वास और अपनत्व हो सकता हैं।नारायणपुर में रक्षाबंधन का यह आयोजन अबूझमाड़ में बदलते माहौल और मुख्यधारा में लौट रहे लोगों के बीच बढ़ते विश्वास का संदेश देता हैं। यह उम्मीद भी मजबूत करता हैं,कि क्षेत्र भय और हिंसा के दौर से आगे बढ़कर शांति,भाईचारे और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी पढ़ें