संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,3सितंबर2026
बारिश का दौर खत्म होते ही छत्तीसगढ़ में अधूरे और निर्माणाधीन सड़क,पुल-पुलियों के काम को रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो गई हैं। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं,कि बरसात समाप्त होते ही निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा,कि अक्टूबर में प्रदेश के हर निर्माणाधीन स्थल पर काम होता हुआ नजर आना चाहिए।नवा रायपुर स्थित PWD मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में पुल-पुलियों और राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान सचिव ने अधिकारियों को समय-सीमा के साथ काम पूरा करने और निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
🟠एक सप्ताह में ठेकेदारों के साथ साइट निरीक्षण
सचिव बंसल ने सभी निर्माणाधीन कार्यों का एक सप्ताह के भीतर ठेकेदारों के साथ स्थल निरीक्षण करने को कहा। इसका उद्देश्य बारिश खत्म होने के बाद काम शुरू करने से पहले जरूरी तैयारियां पूरी करना हैं।उन्होंने अधिकारियों से कहा,कि निर्माण स्थलों पर मौजूद समस्याओं की पहले ही पहचान कर उनका समाधान किया जाए, ताकि बरसात के बाद काम शुरू करने में किसी तरह की देरी न हो।
🟠20 सितंबर तक प्राथमिकता वाले कार्यों के प्राक्कलन
समीक्षा बैठक में वर्ष 2025-26 और 2026-27 के प्राथमिकता वाले कार्यों के,प्राक्कलन 20 सितंबर तक जमा करने के निर्देश दिए गए।बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए पुलों की मरम्मत के साथ-साथ उनकी रेलिंग और दीवारों की पेंटिंग का काम 30 नवंबर तक पूरा करने को कहा गया हैं।
🟠सप्ताह में दो दिन साइट पर पहुंचेंगे अधिकारी
PWD सचिव ने कार्यपालन अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं को सप्ताह में कम से कम दो दिन निर्माण स्थलों का अनिवार्य निरीक्षण करने के निर्देश दिए।उन्होंने साफ कहा,कि निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। धीमी गति से काम करने या लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
🟠बिना अनुमति कार्यालय छोड़ने पर सख्ती
अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए सचिव ने, कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों को बिना अनुमति कार्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा,कि अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में मौजूद रहें और निर्माण स्थलों से जुड़ी समस्याओं का मौके पर ही तत्परता से निराकरण कराएं। इससे काम में अनावश्यक देरी को रोका जा सकेगा।
🟠नवंबर तक निविदा, जनवरी तक शुरू हों नए काम
नए निर्माण कार्यों को लेकर भी विभाग ने समय-सीमा तय कर दी हैं। सचिव बंसल ने नवंबर 2026 तक निविदा प्रक्रिया पूरी करने और जनवरी 2027 तक सभी नए कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।उन्होंने ठेकेदारों को समय पर ले-आउट, ड्राइंग-डिजाइन और कार्यस्थल उपलब्ध कराने को कहा, ताकि कार्यादेश जारी होने के बाद निर्माण शुरू करने में देरी न हो।
🟠हर महीने भुगतान, तीन महीने में अनुबंध क्लोज
निर्माण कार्यों की वित्तीय प्रगति प्रभावित न हो, इसके लिए ठेकेदारों को हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।सचिव ने कहा,कि कार्य पूरा होने के बाद दस्तावेजी प्रक्रिया और भुगतान को लंबित न रखा जाए। काम पूरा होने के तीन महीने के भीतर अनुबंध क्लोज करने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए।
🟠गतिशक्ति पोर्टल पर 10 सितंबर तक अपलोड होगी जानकारी
प्रदेश के सभी पुल-पुलियों से संबंधित जानकारी भारत सरकार के गतिशक्ति पोर्टल पर 10 सितंबर तक अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।निर्धारित समय-सीमा में जानकारी अपलोड नहीं करने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा गया हैं।इसके साथ ही CPGRAMS और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों और मांगों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए गए। न्यायालयीन मामलों, अनुकंपा नियुक्ति और पेंशन से जुड़े प्रकरणों की हर महीने समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया।
🟠NHAI और केंद्रीय मंत्रालय से बेहतर समन्वय पर जोर
राष्ट्रीय राजमार्गों के काम को लेकर भी सचिव बंसल ने, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के साथ बैठक की।उन्होंने प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कार्यों की निविदा, अनुबंध और कार्यादेश की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों को NHAI और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
🟠मार्च 2027 तक इन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को पूरा करने का लक्ष्य
समीक्षा के दौरान रायपुर में निर्माणाधीन MMI चौक से शदाणी दरबार खंड, बेमेतरा बायपास, कोंडागांव से, नारायणपुर राष्ट्रीय राजमार्ग खंड और रतनपुर से पेंड्रा रोड राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यों को अगले साल मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए गए।PWD सचिव ने, अधिकारियों को स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, समय पर भुगतान, मौके की समस्याओं का तत्काल समाधान और विभागीय समन्वय के जरिए परियोजनाओं को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए।बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एस.के. कोरी, राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ज्ञानेश्वर कश्यप सहित दोनों परिक्षेत्रों के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी और NHAI के अधिकारी मौजूद रहे।












