अब जमीन के सीमांकन के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे तहसील के चक्कर, पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,7सितंबर2026

छत्तीसगढ़ सरकार ने जमीन के सीमांकन को लेकर आम लोगों को बड़ी राहत देने की तैयारी की हैं। अब जमीन के सीमांकन के लिए लोगों को तहसील कार्यालय के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग ने सीमांकन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और डिजिटल करने की दिशा में नया मॉड्यूल तैयार करने के निर्देश दिए हैं।नई व्यवस्था लागू होने के बाद सीमांकन के लिए तहसील कार्यालय में, जाकर मैन्युअल आवेदन देने की जरूरत नहीं होगी। नागरिक लोक सेवा केंद्र (CSC/चॉइस सेंटर), राजस्व विभाग के ऑनलाइन सिटीजन पोर्टल या सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।

🟠सीधे तहसीलदार की आईडी में पहुंचेगा आवेदन

नई डिजिटल व्यवस्था में सीमांकन का आवेदन सीधे संबंधित तहसीलदार की आईडी में ट्रांसफर होगा। इसके बाद राजस्व निरीक्षक द्वारा तैयार की जाने वाली रिपोर्ट भी ऑनलाइन जमा करने का प्रावधान रहेगा। इससे आवेदक को अपने आवेदन की स्थिति और प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन मिलती रहेगी।राजस्व विभाग की भू-अभिलेख शाखा द्वारा जारी पत्र के अनुसार राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (NIC) के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक को ई-कोर्ट (E-Court) सॉफ्टवेयर में आवश्यक तकनीकी सुधार कर नया मॉड्यूल 7 दिनों के भीतर लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

🟠आपत्ति होने पर ही जाना पड़ेगा तहसील कार्यालय

नई व्यवस्था के तहत सीमांकन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और डिजिटल मैपिंग के माध्यम से पूरी की जाएगी। यदि सीमांकन के दौरान किसी पड़ोसी या अन्य पक्ष की ओर से औपचारिक आपत्ति दर्ज नहीं की जाती हैं,तो आवेदक को तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी।हालांकि, यदि सीमांकन के दौरान किसी पक्ष की ओर से आपत्ति दर्ज की जाती हैं,तो संबंधित मामले में आवेदक को तहसील कार्यालय जाना पड़ सकता हैं।

🟠मैन्युअल प्रक्रिया और बिचौलियों से मिलेगी राहत

ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से मैन्युअल आवेदन प्रक्रिया खत्म होगी। इससे लोगों को अनावश्यक रूप से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही बिचौलियों की भूमिका कम होने तथा लंबित मामलों की समस्या दूर होने की उम्मीद हैं।तय समय-सीमा में प्रक्रिया पूरी होने से आवेदकों को सीमांकन रिपोर्ट प्राप्त करने में भी सुविधा होगी।

🟠पहले से कई राजस्व सेवाएं ऑनलाइन

राजस्व विभाग द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए पहले ही कई सेवाओं को ऑनलाइन किया जा चुका हैं। डिजिटल हस्ताक्षरित B-1 एवं P-II की प्रमाणित प्रतियां नागरिक घर बैठे डाउनलोड कर सकते हैं। इन दस्तावेजों में QR कोड की सुविधा भी उपलब्ध हैं।इसी तरह जमीन की खरीद-बिक्री के बाद नामांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन और स्टेटस ट्रैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध हैं। ऑनलाइन नजरी नक्शा, परिवर्तित भूमि (Diversion) और नजूल जमीन से संबंधित टैक्स रिकॉर्ड को भी डिजिटल किया जा चुका हैं।राजस्व न्यायालयों में चल रहे मामलों की पेशी, आदेश और सुनवाई से संबंधित स्थिति भी ऑनलाइन देखी जा सकती हैं।राजस्व विभाग की यह नई पहल डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने और जमीन से जुड़ी सेवाओं को अधिक पारदर्शी एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।

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