न्यूज डेस्क,अंबिकापुर,छत्तीसगढ़,8सितंबर2026
सरगुजा जिले के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की छात्राओं के करीब 30 किलोमीटर पैदल चलकर,कलेक्ट्रेट पहुंचने का मामला अब सरकार तक पहुंच गया हैं। छात्राओं द्वारा हॉस्टल की व्यवस्थाओं और स्कूल प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं को लेकर, प्रशासन के सामने अपनी बात रखने के बाद प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने मामले को गंभीरता से लिया हैं।मंत्री ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट कमिश्नर ट्राइबल से तलब की हैं। उन्होंने कहा हैं,कि जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती हैं,तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
🟠छात्राओं को सड़क पर उतरने की नौबत क्यों आई?
छात्राओं के लंबी दूरी तक पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचने के मामले पर,मंत्री रामविचार नेताम ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी,कि आवासीय विद्यालय की छात्राओं को अपनी समस्याएं बताने के लिए इस तरह सड़क पर निकलना पड़ा।उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी और रिपोर्ट मांगी हैं। रिपोर्ट के आधार पर व्यवस्थाओं में सुधार के साथ-साथ जिम्मेदारी भी तय किए जाने की बात कही गई हैं।
🟠केंद्र के दिशा-निर्देशों के तहत संचालित होते हैं आवासीय विद्यालय
रामविचार नेताम ने कहा कि एकलव्य आवासीय विद्यालयों का संचालन भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत किया जाता है। ऐसे में विद्यालय और छात्रावास से जुड़ी कमियों को केंद्र सरकार के संज्ञान में भी लाया जाएगा, ताकि आवश्यक सुधार कराया जा सके।मंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं,कि छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक माहौल के साथ आवश्यक आवासीय सुविधाएं भी उपलब्ध हों।
🟠छात्राओं से मंत्री की अपील
मंत्री रामविचार नेताम ने छात्राओं से अपील की,कि अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें इस तरह लंबी दूरी तक पैदल निकलने की जरूरत नहीं हैं। उन्होंने कहा,कि छात्राएं सीधे संबंधित विभाग या अधिकारियों को अपनी समस्याओं की जानकारी दें, ताकि समय रहते उनका समाधान किया जा सके।उन्होंने यह भी कहा कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता हैं,और शिकायतों के निराकरण के लिए विभागीय स्तर पर उचित व्यवस्था की जानी चाहिए।
🟠अब जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर
मामले में ट्राइबल विभाग से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद अब सभी की नजर जांच के नतीजे पर हैं। रिपोर्ट में हॉस्टल की व्यवस्थाओं, छात्राओं की शिकायतों और अधिकारियों की भूमिका को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं, इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।












