अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,9सितंबर2026
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने,प्रदेश में 354 नवीन धान उपार्जन केंद्र खोलने की अनुमति दी हैं। इनमें बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के पांच नए केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों के खुलने से जिले के दूरस्थ क्षेत्रों के किसानों को अपनी धान की उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।जिले में शंकरगढ़ विकासखंड के ग्राम सिहार, राजपुर के परसागुड़ी, बलरामपुर के लिलौटी तथा रामचंद्रपुर विकासखंड के चेरा और पचावल में नवीन धान उपार्जन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे किसानों के समय के साथ-साथ उपज परिवहन में होने वाले खर्च की भी बचत होगी।
🟠किसानों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
शासन ने नवीन धान उपार्जन केंद्रों की स्थापना को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। जहां मंडी या उपमंडी प्रांगण उपलब्ध हैं,वहां उन्हीं का उपयोग किया जाएगा। अन्य स्थानों पर पर्याप्त समतल और ऊंची भूमि का चयन किया जाएगा, ताकि धान का सुरक्षित रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके।प्रत्येक उपार्जन केंद्र में कंप्यूटर सेट, दो प्रिंटर, यूपीएस और जनरेटर की व्यवस्था विपणन संघ द्वारा की जाएगी। वहीं किसानों के बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए फिंगरप्रिंट और आईरिस डिवाइस भी उपलब्ध कराई जाएगी।इसके अलावा समितियों द्वारा आर्द्रतामापी यंत्र, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, पॉलिथीन कवर और डनेज सामग्री की व्यवस्था की जाएगी। केंद्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, बिजली, प्रकाश और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी।
🟠पीसीएसएपी पोर्टल पर होगी केंद्रों की मैपिंग
नवीन धान उपार्जन केंद्रों की मैपिंग भारत सरकार के पीसीएसएपी पोर्टल पर की जाएगी। इन केंद्रों से जुड़े ग्रामों का निर्धारण कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। जिला प्रशासन शासन के निर्देशों के अनुसार केंद्रों के लिए स्थान चिह्नित कर आवश्यक कार्ययोजना तैयार करेगा।
🟠कलेक्टर बोलीं- किसानों को मिलेगा उपज का उचित मूल्य
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने नवीन उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति को किसान हित में,महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा,कि नए केंद्रों के शुरू होने से अन्नदाताओं को अपनी उपज बेचने में अधिक सुविधा मिलेगी और उन्हें धान विक्रय के लिए अनावश्यक दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।कलेक्टर ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा स्थानों का चिह्नांकन कर कार्ययोजना तैयार की जाएगी और निर्धारित समय-सीमा में उपार्जन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।उन्होंने किसानों से मेहनत और लगन के साथ बेहतर कृषि कार्य पर ध्यान देने का आह्वान करते हुए कहा,कि नवीन उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान का सुगमता से विक्रय कर किसान आर्थिक प्रगति की ओर आगे बढ़ सकेंगे।












