अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,16सितंबर2026
सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने और आर्थिक परेशानी को उपचार में,बाधा न बनने देने के लिए भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा पीएम-राहत (सड़क दुर्घटना पीड़ितों हेतु कैशलेस उपचार योजना) संचालित की जा रही हैं। योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना के बाद अधिकतम 7 दिनों तक डेढ़ लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा हैं।यह सुविधा शासकीय अस्पतालों के साथ-साथ योजना के लिए अनुमोदित निजी अस्पतालों में भी उपलब्ध हैं। योजना का संचालन eDAR और TMS 2.0 प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा हैं।
🟠गोल्डन आवर में इलाज बेहद जरूरी
योजना के तहत दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा यानी ‘गोल्डन आवर’ बेहद महत्वपूर्ण माना गया हैं। इस दौरान मिलने वाला समय पर उपचार घायल की जान बचाने में निर्णायक हो सकता हैं। अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं, कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए और उपचार में किसी तरह की देरी न हो।यदि दुर्घटना पीड़ित की पहचान तत्काल उपलब्ध नहीं हैं,तब भी आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाना हैं। साथ ही अस्पतालों को योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार eDAR/TMS 2.0 पोर्टल पर समय पर जानकारी दर्ज करने और पीड़ितों को संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
🟠कलेक्टर की अपील घायल को देखकर आगे बढ़ें, मदद करें
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी चंदन संजय त्रिपाठी ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा,कि सड़क पर घायल पड़ा व्यक्ति किसी का बेटा, बेटी, पिता या मां हो सकता हैं। उसके घर पर कोई उसका इंतजार कर रहा होता हैं। ऐसे समय में मूकदर्शक बने रहने के बजाय आगे बढ़कर उसकी मदद करना मानवता का परिचय है।उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि दुर्घटना होते ही 112 पर कॉल करें और घायल को बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा,कि गोल्डन आवर में उठाया गया एक कदम किसी परिवार की खुशियां बचा सकता हैं।
कलेक्टर ने यह भी कहा,कि भारत सरकार के गुड समेरिटन कानून के तहत दुर्घटना पीड़ित की मदद करने वाले प्रत्यक्षदर्शी को अनावश्यक पुलिस पूछताछ से सुरक्षा दी गई हैं। इसलिए किसी भय या संकोच के बिना जरूरतमंद की सहायता करनी चाहिए।उन्होंने नागरिकों से स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग का सहयोग लेने तथा दुर्घटना और घटनास्थल की आवश्यक जानकारी पुलिस को देने की अपील की,ताकि घायल को समय पर उपचार मिल सके और पात्र होने पर पीएम-राहत योजना का लाभ भी उपलब्ध कराया जा सके।












