अर्पित तिवारी,बलरामपुर,छत्तीसगढ़,19सितंबर2026
सेवा संकल्प अभियान के तहत बलरामपुर जिले के शाला-महाविद्यालयों में इन दिनों विद्यार्थी रंगों और तूलिकाओं के जरिए अपने ‘मेरे सपनों का भारत’ को कागज पर उतार रहे हैं। ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ के माध्यम से बच्चे अपनी कल्पनाओं में बसे ऐसे भारत की तस्वीर बना रहे हैं, जिसमें एकता, समृद्ध संस्कृति, आपसी भाईचारा और विकसित भारत-2047 की झलक दिखाई दे रही हैं।शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित यह चित्रकला गतिविधि शाला, संकुल और जिला स्तर पर कराई जा रही हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा और कल्पनाशक्ति को सामने रखने का अवसर देना हैं। कार्यक्रम में जिले के 1352 प्राथमिक शाला, 546 माध्यमिक शाला, 53 हाईस्कूल, 83 हायर सेकेंडरी विद्यालय, 11 शासकीय महाविद्यालय और एक प्रयास विद्यालय के विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं।
🟠कागज पर बन रही कल के भारत की तस्वीर
‘चित्र सेवा’ के तहत विद्यार्थियों की कल्पनाएं अलग-अलग रंगों में आकार ले रही हैं। कहीं तिरंगे के नीचे अलग-अलग वेशभूषा में हाथ थामे लोग नजर आ रहे हैं,तो कहीं गांव, शहर, खेत, कारखाने और पाठशाला को एक ही तस्वीर में समेटकर समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत की कल्पना प्रस्तुत की जा रही है।विद्यार्थियों की ये कलाकृतियां केवल चित्र नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के मन में बसे भारत के सपनों और उनकी सोच की अभिव्यक्ति बन रही हैं। कई विद्यार्थी अपनी कला के माध्यम से सामाजिक एकता, स्वच्छता, पर्यावरण, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को भी सामने ला रहे हैं।
🟠7 अक्टूबर तक चलेगा ‘चित्र सेवा’ अभियान
‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ कार्यक्रम 17 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। शाला से लेकर संकुल और जिला स्तर तक गतिविधियों के आयोजन से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा हैं।जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मकता के साथ राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी,सामाजिक सद्भाव और भविष्य को लेकर सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया जा रहा हैं।
🟠कलेक्टर ने बच्चों से की सक्रिय भागीदारी की अपील
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने विद्यार्थियों से अपनी कल्पनाशक्ति का भरपूर उपयोग करते हुए ऐसी तस्वीरें बनाने की अपील की, जिनमें एकता, खुशहाली, परस्पर सद्भाव और सेवा-समर्पण की भावना दिखाई दे।उन्होंने जिले के सभी बच्चों, विद्यार्थियों और युवाओं से ‘चित्र सेवा’ में भाग लेने का आग्रह करते हुए कहा,कि आज कागज पर उतरी कल्पना ही कल के सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की नींव बन सकती हैं।‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ में 2000 से अधिक शाला-महाविद्यालयों के विद्यार्थियों की भागीदारी से जिले में यह पहल अब केवल एक चित्रकला गतिविधि नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों और भविष्य के भारत की कल्पना को मंच देने वाला अभियान बनती नजर आ रही हैं।












