संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,22सितंबर2026
समाजसेवा को निरंतर सेवा-संकल्प के रूप में आगे बढ़ाते हुए,मां बमलेश्वरी सेवा समिति ने देवेंद्र नगर स्थित सिद्धिविनायक पार्क में आम नागरिकों की सुविधा के लिए बैठने हेतु कुर्सियों की स्थापना की। जनहित से जुड़े इस सेवा कार्य का शुभारंभ अग्रवाल सभा के अध्यक्ष विजय अग्रवाल ने किया।समिति की इस पहल का उद्देश्य पार्क में आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और अन्य नागरिकों को बैठने की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना हैं। कुर्सियों की स्थापना से पार्क में आने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी और सार्वजनिक स्थल पर नागरिक सुविधाओं में भी बढ़ोतरी होगी।
🟠वर्षों से सेवा कार्यों में सक्रिय हैं,समिति
मां बमलेश्वरी सेवा समिति पिछले कई वर्षों से सामाजिक सरोकार और जनसेवा से जुड़े विभिन्न कार्यों में सक्रिय रही हैं। समिति की ओर से दोनों नवरात्रि के अवसर पर मां बमलेश्वरी धाम,डोंगरगढ़ में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाता हैं।इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए समय-समय पर स्कूलों में कंप्यूटर वितरण भी किया गया हैं। गर्मी के मौसम में आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए,विभिन्न स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था सहित कई जनहितकारी कार्य किए जाते रहे हैं।
🟠शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का सम्मान, बच्चों को जलपान
समिति की सेवा गतिविधियों की इसी श्रृंखला के तहत कुछ दिन पूर्व शिक्षक दिवस के अवसर पर,शिक्षकों के सम्मान और बच्चों को जलपान वितरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। समिति का प्रयास हैं,कि समाज के अलग-अलग वर्गों तक सेवा,सहयोग और आवश्यक सुविधाएं पहुंचाई जाएं।समिति के सदस्यों ने कहा,कि सेवा किसी एक अवसर या आयोजन तक सीमित नहीं हैं,बल्कि यह निरंतर निभाई जाने वाली सामाजिक जिम्मेदारी हैं। इसी भावना के साथ आने वाले समय में भी शिक्षा, सामाजिक सेवा,नागरिक सुविधा और जरूरतमंदों की सहायता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
🟠सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प
कुर्सियों की स्थापना कार्यक्रम के दौरान समिति के सदस्यों ने भविष्य में भी जनहित से जुड़े सेवा कार्यों को लगातार आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर गोपाल अग्रवाल, कृष्ण अग्रवाल, रोहित अग्रवाल, मनोहर जिंदल, सुरेश अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, सुनील लाट और सुरेश चौधरी सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन “बोलो मां बमलेश्वरी की जय!” के जयघोष के साथ हुआ।












