संदिली सिंह,रायपुर,छत्तीसगढ़,23सितंबर2026
रामनामी समुदाय की अनूठी परंपरा और सांस्कृतिक पहचान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘राम-नामी’ को, 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान मिलने पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने हर्ष व्यक्त किया हैं। उन्होंने फिल्म के निर्देशक श्री भरतबाला गणपति, निर्माता और पूरी फिल्म टीम को इस उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘राम-नामी’ को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय हैं। उनके अनुसार यह सम्मान केवल एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म की उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना और पीढ़ियों से चली आ रही विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान भी हैं।
🟠रामनामी परंपरा को देश तक पहुंचाने में फिल्म की भूमिका
मंत्री ने कहा कि रामनामी समुदाय की परंपरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता का विशिष्ट उदाहरण हैं। अपनी आस्था, जीवन मूल्यों और विशिष्ट परंपराओं के माध्यम से रामनामी समाज ने प्रदेश की लोक संस्कृति को समृद्ध किया हैं। ‘राम-नामी’ डॉक्यूमेंट्री ने इस सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी सिनेमाई माध्यम से व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का काम किया हैं।उन्होंने फिल्म के निर्देशक भरतबाला गणपति और पूरी टीम के रचनात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा,कि किसी लोक परंपरा को संवेदनशीलता और प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। फिल्म से जुड़े कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों, निर्माता और अन्य सहयोगियों की भूमिका भी इस सफलता में महत्वपूर्ण हैं।
🟠छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मिली नई पहचान
राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत बेहद व्यापक और विविधतापूर्ण हैं। प्रदेश की लोककलाएं, लोकगीत, लोकनृत्य, जनजातीय परंपराएं, धार्मिक आस्थाएं और पारंपरिक जीवनशैली इसकी विशिष्ट पहचान हैं। ‘राम-नामी’ को मिला राष्ट्रीय सम्मान इन परंपराओं को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं।उन्होंने कहा,कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की लोक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सम्मान से प्रदेश के लोक कलाकारों, रचनाकारों, फिल्मकारों और सांस्कृतिक कर्मियों को अपनी जड़ों और लोक विरासत को रचनात्मक माध्यमों से सामने लाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
🟠72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में मिला सम्मान
उल्लेखनीय हैं,कि वर्ष 2024 की फिल्मों के लिए घोषित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ‘राम-नामी’ को हिंदी भाषा की सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के रूप में चुना गया हैं। फिल्म के निर्माता बीबीपी स्टूडियो वर्चुअल भारत प्राइवेट लिमिटेड और निर्देशक श्री भरतबाला गणपति हैं।संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने फिल्म की पूरी टीम को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए,उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा,कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय पटल पर और अधिक मजबूती से सामने लाने का अवसर हैं।












