डेनियल सेप्टी,बस्तर,छत्तीसगढ़,28सितंबर2026
बस्तर में बाढ़ से प्रभावित लोगों के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे और मौके पर हालात का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र के डोंगाघाट में, प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने कहा,कि प्राकृतिक आपदा की इस मुश्किल घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी हैं,और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत देते हुए, मुख्यमंत्री ने शासन के प्रावधानों के तहत मिलने वाली, सहायता के अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10-10 हजार रुपये की मदद देने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए,कि नुकसान का सर्वे जल्द पूरा किया जाए और पात्र परिवारों तक सहायता बिना अनावश्यक देरी के पहुंचाई जाए।
🟠डोंगाघाट में प्रभावित परिवारों से सीधे सुनी समस्याएं
डोंगाघाट पहुंचकर मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत की। उन्होंने बाढ़ के दौरान आई परेशानियों, मकानों और घरेलू सामान को हुए नुकसान तथा फिलहाल उपलब्ध कराई जा रही राहत के बारे में जानकारी ली।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों की जरूरतों के हिसाब से भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां और अन्य जरूरी सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए। राहत व्यवस्था में बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं को विशेष प्राथमिकता देने को कहा गया।
🟠इंद्रावती के जलस्तर और प्रभावित इलाकों का जायजा
मुख्यमंत्री ने इंद्रावती पुल पहुंचकर नदी के जलस्तर और आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से जिले में बारिश और बाढ़ की स्थिति, प्रभावित गांवों एवं शहरी क्षेत्रों तथा राहत-बचाव की तैयारियों की जानकारी ली।मुख्यमंत्री ने कहा,कि नदी के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। निचले और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तुरंत सक्रिय किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया,कि आपदा की स्थिति में लोगों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण हैं।
🟠पानी उतरने के बाद स्वास्थ्य विभाग की बड़ी जिम्मेदारी
बाढ़ का पानी कम होने के बाद सामने आने वाली स्वास्थ्य और स्वच्छता की चुनौतियों को देखते हुए,मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, जलस्रोतों की सफाई और आवश्यक उपचार सुनिश्चित करने को कहा गया।जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय रखने और आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता रखने तथा बीमारी के संभावित प्रकोप की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने को भी कहा गया।मुख्यमंत्री ने कहा,कि राहत का काम सिर्फ पानी उतरने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रभावित परिवारों को सामान्य स्थिति में लौटने तक आवश्यक व्यवस्थाएं जारी रहनी चाहिए।
🟠मकान, फसल और पशुधन के नुकसान का होगा सर्वे
मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित मकानों, फसलों, पशुधन और अन्य संपत्तियों के नुकसान का जल्द आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने सर्वे में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बरतने को कहा,ताकि वास्तविक नुकसान सामने आ सके और पात्र परिवारों को शासन के प्रावधानों के अनुसार सहायता मिल सके।उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि कोई भी पात्र प्रभावित परिवार सहायता से वंचित न रहे। राहत शिविरों और प्रभावित बस्तियों में नियमित रूप से पहुंचकर लोगों की जरूरतों की जानकारी लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।
🟠‘हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी हैं,सरकार’
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ मजबूती से खड़ी हैं। प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत और उनके जीवन को जल्द सामान्य बनाना सरकार की प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा,कि आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।प्रशासन के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। जरूरत के अनुसार भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार आगे कदम उठाए जा रहे हैं।
🟠 जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
🔸️मुख्यमंत्री – विष्णुदेव साय
🔸️संजय पाण्डेय – महापौर
🔸️खेमसिंह देवांगन – नगर निगम सभापति
🔸️कमलचंद्र भंजदेव – जनप्रतिनिधि
🔸️डोमन सिंह – कमिश्नर, बस्तर
🔸️बी.एन. मीणा – आईजी
🔸️आकाश छिकारा – कलेक्टर
🔸️शलभ सिन्हा – पुलिस अधीक्षक संबंधित विभागों के अधिकारी।












